पाकिस्तान मुर्दाबाद

राजनैतिक स्लोगन
सिमला काँफ्रेन्स के वक्त सिक्ख लीडर मास्टर तारा सिंह और उनके पास खडे हैं: मुस्लम लीग के लीडर मोहम्मद अली जिन्नाह और पंजाब संघवादी पार्टी के लीडर मलिक ख़िज़र हयात टिवाणा

पाकिस्तान मुर्दाबाद (लातिनी लिपि: Pakistan Murdabad, नस्तालीक़: پاکستان مردہ باد‎) हिन्दुस्तानी भाषा और एक हद तक पंजाबी भाषा में भारत के बंटवारे और ख़ास कर पंजाब बंटवारे के समय के दौरान लगाया गया एक राजनैतिक नारा है। इसका मतलब है: "पाकिस्तान की मौत हो" या और ज़्यादा उचित "पाकिस्तान का विनाश हो" और इसकी शब्द निरुक्ति फ़ारसी भाषा से है।[1]

यह स्लोगन भारत बंटवारे से पहले पाकिस्तान लहर यानि दक्षिण एशिया में एक नये इस्लामी मुल्क की स्थापना करने के लिए आंदोलन के दौरान पहली बार सिक्खों के लीडर मास्टर तारा सिंह द्वारा उच्चारित किया गया था क्योंकि पंजाब क्षेत्र के सिक्ख मुसलमानों की प्रसावित हकूमत के ज़ोरदार ख़िलाफ़ थे। यह मुहम्मद अली जिन्ना के स्लोगन "पाकिस्तान ज़िन्दाबाद" के उलट में लगाया गया था।[2][3][4]

पिछले कुछ सालों में यह स्लोगन का वर्णन दक्षिण एशियायी साहित्य में मिला जा रहा है, सआदत हसन मंटो, बापसी सिद्धवा और खुशवंत सिंह जैसे हरमन प्यारे लेखक की रचनायों में इस स्लोगन उल्लिखित है।

भारत बंटवारे से कुछ ही समय बाद नये मुल्क पाकिस्तान में रैफ़्यूजी कैंपों में फंसे गए लोगों ने नयी पाकिस्तानी हकूमत की नाक़ाबलियत के विरुद्ध अपने ग़ुस्से व्यक्त करने के लिए यह स्लोगन उच्चारित किया था।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. DeReouen, Karl; Heo, U. K. (editors), Civil Wars of the World: Major Conflicts Since World War II, ABC-CLIO, पपृ॰ 420–, आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-1-85109-919-1, अभिगमन तिथि 24 July 2012सीएस1 रखरखाव: फालतू पाठ: authors list (link) Quote: Glossary: "Pakistan Murdabad (death to Pakistan), a phrase used by Master Tara Singh and his followers."
  2. Rajendra Kumar Mishra (2012). Babri Mosque: A Clash of Civilizations. Dorrance Publishing,. पृ॰ 103. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 1434967425.सीएस1 रखरखाव: फालतू चिह्न (link)
  3. Nagappan, Ramu (2005). Speaking havoc social suffering and South Asian narratives. Seattle: University of Washington Press. पृ॰ 91. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0295801719.
  4. Literature & nation : Britain and India : 1800-1990 (1. publ. संस्करण). London: Routledge [u.a.] 2000. पृ॰ 355. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0415212073. |firstlast= missing |lastlast= in first (मदद)सीएस1 रखरखाव: फालतू पाठ: authors list (link)

इन्हें भी देखेंसंपादित करें