गणित में किसी सरल रेखा की प्रवणता (अंग्रेजी:Gradient) या 'ढलान' (अंग्रेजी:slope) उसके झुकाव की तीव्रता को सूचित करता है। क्षैतिज रेखा की प्रवणता शून्य और उर्ध्वाधर रेखा की प्रवणता 'अनन्त' मानी जाती है।

प्रवणता की गणना

किसी रेखा की प्रवणता का आंकिक मान उसके किसी दो बिन्दुओं के बीच की ऊंचाई (उर्ध्वाधर दूरी) तथा क्षैतिज दूरी के अनुपात के बराबर होती है।

जहाँ m रेखा की प्रवणता को सूचित कर रहा है।

त्रिकोणमिति की भाषा में किसी रेखा की प्रवणता उसके द्वारा क्षैतिज के साथ बनाये गये कोण के स्पर्शज्या (tan) के बराबर होती है।

किसी रेखा का समीकरण: <math>y=mx+c.\

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

  • स्पर्शरेखा स्पर्श रेखा tan इसलिए लिया जाता है क्योंकि tan का मान (0 से अनन्त ) तक होता है ,


 
किसी वक्र के प्रत्येक बिन्दु पर अवकलज (derivative) उस बिन्दु पर उस वक्र की स्पर्शरेखा की प्रवणता के बराबर होता है।