क्रमादेशन भाषा या प्रोग्रामिंग भाषा (programming language) एक कृत्रिम भाषा होती है, जिसकी डिजाइन इस प्रकार की जाती है कि वह किसी काम के लिये आवश्यक विभिन्न संगणनाओ (computations) को अभिव्यक्त कर सके। प्रोग्रामिंग भाषाओं का प्रयोग विशेषतः संगणकों के साथ किया जाता है (किन्तु अन्य मशीनों पर भी प्रोग्रामिंग भाषाओं का उपयोग होता है)। प्रोग्रामिंग भाषाओं का प्रयोग हम प्रोग्राम लिखने के लिये, कलन विधियों को सही रूप व्यक्त करने के लिए, या मानव संचार के एक साधन के रूप में भी कर सकते हैं।

पाइथन (Python) नामक प्रोग्रामन भाषा में लिखित प्रोग्राम का अंश

इस समय लगभग 2,500 प्रोग्रामिंग भाषाएं मौजूद हैं। पास्कल, बेसिक, फोर्ट्रान, सी, सी++, जावा, जावास्क्रिप्ट, पायथन, लिस्प आदि कुछ प्रोग्रामिंग भाषाएं हैं।

वर्गीकरणसंपादित करें

अलग-अलग आधार पर इनका अलग-अलग वर्गीकरण किया जाता है। उदाहरण के लिये इण्टरप्रीटेड भाषा ( जैसे बेसिक ) और कम्पाइल्ड भाषा (जैसे सी++)।

भाषा के मानव द्वारा समझने के स्तर (या, अमूर्ततता के स्तर) के आधार पर प्रोग्रामिंग भाषाओं को तीन श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है-

  • (१) मशीनी भाषा — यह मशीन को आसानी से समझ आती है किन्तु मानव को सीधे समझना लगभग असम्भव है।

प्रोग्रामिंग रूपावली (programming paradigm) के आधार पर प्रोग्रामन भाषाओं को निम्नलिखित तीन श्रेणीयों में बांटा जाता है-

  • (१) इम्परेटिव प्रोग्रामिंग
  • (क) संरचनात्मक (स्ट्रक्चर्ड) भाषा
  • (ख) वस्तुमुखी (ऑब्जेक्ट ओरिएण्टेड) भाषा
  • (२) फलनीय प्रोग्रामिंग
  • (३) तर्कीय प्रोग्रामिंग (logical programming)

इम्परेटिव भाषाएँसंपादित करें

प्रमुख इम्परेटिव भाषाएं ये हैं-

संरचनात्मक भाषाएँसंपादित करें

वस्तुमुखी भाषाएँसंपादित करें

फलनात्मक (फंक्शनल) भाषाएँसंपादित करें

तार्किक (लॉजिकल) प्रोग्रामिगसंपादित करें

अन्य वर्गीकरणसंपादित करें

भाषा में डेटा के प्रकार (टाइप) के आधार पर भाषाएं दो प्रकार की होतीं है-

  • (१) स्ट्रांग टाइप
  • (२) वीक टाइप

रहस्यमय (एसोटेरिक / esoteric) भाषाएँसंपादित करें

समानान्तर (पैरेलेल्) भाषाएँसंपादित करें

स्क्रिप्टिंग भाषाएँसंपादित करें

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें