स्रोत :- नंद मौर्य राजवंश

फ़िल्मफ़ेयर
Filmfare
आवृत्ति पाक्षिक
प्रसार १.४ लाख
प्रथम संस्करण १९५२[1]
कंपनी वर्ल्डवाइड मीडिया
भाषा अंग्रेज़ी
जालस्थल www.filmfare.com

फ़िल्मफ़ेयर भारतीय सिनेमा संबंधी एक अंग्रेज़ी पत्रिका है। मीडिया सेवाओं में कार्यरत भारत के सबसे बड़े समूह 'द टाइम्स ग्रूप', मुंबई (बंबई) इसका प्रकाशन करते हैं, बॉलीवुड फ़िल्मों की चटपटी ख़बरें और रोचक तसवीरें इस पत्रिका की विशिष्टता है। यह भारत की सर्वाधिक लोकप्रिय मनोरंजन पत्रिका है और दुनिया भर में बसे भारतीयों द्वारा पढ़ी जाती है।

यह पत्रिका 'फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड्स' (Filmfare Awards) और 'फ़िल्मफ़ेर अवॉर्ड्स साउथ' (Filmfare Awards South) का आयोजन और प्रायोजन करती है।

पत्रिकासंपादित करें

फ़िल्मफ़ेयर भारत की सबसे पुरानी फ़िल्म पत्रिका है और इसके द्वारा प्रायोजित अवॉर्ड्स भी सबसे पुराने पुरस्कार हैं। पहले यह, मीडिया सेवाओं में कार्यरत भारत के सबसे बड़े समूह 'द टाइम्स ग्रूप' का ही एक हिस्सा थी, जो द टाईम्स ऑफ़ इंडिया, दि इकोनाॅमिक टाइम्स, नवभारत टाइम्स और महाराष्ट्र टाइम्स भी प्रकाशित करते हैं। 2005 में, फ़िल्मफ़ेयर और कुछ अन्य प्रकाशन, ख़ासकर फ़ेमिना, का बंटवारा एक उप-कंपनी में हुआ। नई कंपनी वर्ल्डवाइड मीडिया, टाइम्स समूह और बीबीसी वर्ल्डवाइड के प्रकाशन विभाग बीबीसी मैगज़िंस के बीच 50:50 की साझेदारी से बनी संयुक्त कंपनी है।

2008 के शुरुआत में पत्रिका ने अपने रूप-रंग और प्रकाशन की समय-सारिणी में परिवर्तन किया। फिर माह के हर 15 दिनों में फ़िल्मफ़ेयर का प्रकाशन होने लगा और श्री जितेश पिल्लई के संपादकत्त्व में इसकी पूरी रूपरेखा और नियमित विभागों का आधुनिकीकरण होता रहा है। आज भी इसमें तसवीरों को व्यापक रूप से प्रस्तुत करने का काम जारी है। इसके लेखकगण में अनुराधा चौधरी, संगीता ऐंजेला कुमार और फ़हीम रुहानी शामिल हैं।

फ़िल्मफ़ेयर ने फ़िल्मों के लिए, फ़िल्म-प्रेमियों की राय पर आधारित दो अवॉर्ड्स प्रस्तुत किये हैं: हिंदी फ़िल्मों के लिए फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार और कन्नड़, मलयालम, तमिल और तेलुगु भाषा की फ़िल्मों के लिए फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड्स साउथ

नियमित विभागसंपादित करें

  • आई स्पाय - इस विभाग में हिन्दी फ़िल्म-जगत के अभिनेता/अभिनेत्रियों के बीच होते झगड़े, बहुचर्चित गपशप और छोटी-मोटी अफ़वाहें जैसी ताज़ा खबरों को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
  • बिग टिकेट - इस विभाग में आने वाली और रिलीज़ हुई फ़िल्मों की समीक्षा की जाती है और चूंकि फ़िल्म-प्रेमी और फ़िल्म-निर्माता दोनों ये जानने को उत्सुक रहते हैं कि यह दमदार पत्रिका उनकी फ़िल्मों के प्रति क्या राय रखती है इसलिए यह विभाग दोनों वर्गों में अत्यंत लोकप्रिय है। बिलकुल अपनी शैली के अनुरूप, फ़िल्मफ़ेयर में छपने वाले पूर्वावलोकन व समीक्षाएं संक्षिप्त और रोचक होतीं हैं, ताकि साथ छपी तसवीरें ही सारी बातें ज़ाहिर कर सकें।
  • फ़ैशन प्ले - लेख-संपादिका संगीता ऐंजेला कुमार का कहना है कि फ़िल्म-जगत के सभी सितारे इस विभाग को पढ़ते हैं क्योंकि इस विभाग में हिंदी फ़िल्म की पलटन की फ़ैशन संबंधी जानकारी का ताज़ा आंकलन किया जाता है।[कृपया उद्धरण जोड़ें] सितारों को फ़ैशन-संबंधी उनकी अपनी समझ के मुताबिक़ बड़ी प्रमुखता से 'हॉट' या 'नहीं' घोषित किया जाता है।
  • फ़ोटो शूट्स - फ़िल्मफ़ेर के 'फ़ोटो शूट्स' विभाग में छपने वाली तसवीरें मुन्ना एस, दब्बू रत्नानी और अतुल कसबेकर इत्यादि फ़ोटोग्राफ़र्स द्वारा खींची हुईं और अकसर किसी ख़ास विषय पर आधारित होतीं हैं।
  • फ़्यूचर स्टॉक - इस विभाग में कलाकारों, संगीतकारों, या निर्देशकों की नई पीढ़ी के उभरते नन्हें सितारे और आगामी दिग्गजों की तक़दीर की भविष्यवाणी की जाती है।
  • जेन नेक्स्ट - इसमें आम तौर पर युवा पीढ़ी के सितारों के बारे में यहाँ-वहाँ से संग्रहित कुछ सच्ची-झूठी बातों का ख़ुलासा किया जाता है।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Press in India, Issue 33. Office of the Registrar of Newspapers. 1989. पृ॰ 75.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें