फ्लेरोवियम (Flerovium) भारी कृत्रिम रासायनिक तत्व है जिसका परमाणु क्रमांक 114 और प्रतीक Fl है। इस तत्व का नाम रूस के दुबना स्थित फ्लेरोव प्रयोगशाला के नाम पर रखा गया, जहाँ वर्ष 1998 में इसकी खोज हुई थी। प्रयोगशाला का नाम भी रूसी भौतिकविज्ञानी जॉर्जी फ्लोरोव (सीरिलिक में Флёров है जिसमें यो का लिप्यंतरण ए के रूप में होता है) के नाम पर रखा गया था। 30 मई 2012 को आईयूपीएसी ने स्वीकृत किया। यह नाम और प्रतीक का प्रस्ताव पहले परमाणु क्रमांक 102 वाले तत्व (नोबेलियम) के लिए रखा गया लेकिन यह आईयूपीएसी ने उस समय इसे स्वीकार नहीं किया।

तत्वों की आवर्त सारणी में यह p-ब्लॉक में ट्रान्सएक्टिनाइड तत्व है। यह सातवें आवर्त का तत्व है जो कार्बन समूह का सबसे भारी ज्ञात तत्व है; यह ऐसा सबसे भारी तत्व भी है जिसके रासायनिक गुणों का अन्वेषण हो चुका है। इसके शुरूआती रासायनिक अध्ययन 2007–2008 में किये गये जिसमें फ्लेरोवियम को समूह 14 के तत्वों में अप्रत्याशित रूप से अस्थायी तत्व पाया गया।[1] शुरुआती परिणामों में इसे अक्रिय गैसों के समरूप गुणधर्मों वाले तत्व के रूप में देखा गया।[2]

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सन्दर्भसंपादित करें

  1. Eichler, Robert; एवं अन्य (2010). "Indication for a volatile element 114" (PDF). रेड़ियोचिमिका एक्टा. 98 (3): 133–139. डीओआइ:10.1524/ract.2010.1705. नामालूम प्राचल |s2cid= की उपेक्षा की गयी (मदद)
  2. Gäggeler, H. W. (5–7 नवम्बर 2007). "Gas Phase Chemistry of Superheavy Elements" (PDF). पॉल शेरर संस्थान. मूल (PDF) से 20 फ़रवरी 2012 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 10 अगस्त 2013.

पुस्तक सूचीसंपादित करें

  • Thayer, J. S. (2010). "Relativistic Effects and the Chemistry of the Heavier Main Group Elements". Relativistic Methods for Chemists. Challenges and Advances in Computational Chemistry and Physics. 10. पपृ॰ 63–97. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-1-4020-9974-8. डीओआइ:10.1007/978-1-4020-9975-5_2.
  • Stysziński, J. (2010). Why do we need relativistic computational methods?. पृ॰ 99.
  • Pershina, V. (2010). Electronic structure and chemistry of the heaviest elements. पृ॰ 450.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें