बलिया
Ballia
बलिया की उत्तर प्रदेश के मानचित्र पर अवस्थिति
बलिया
बलिया
उत्तर प्रदेश में स्थिति
सूचना
प्रांतदेश: बलिया ज़िला
उत्तर प्रदेश
Flag of India.svg भारत
जनसंख्या (2011): 1,04,424
मुख्य भाषा(एँ): हिन्दी, भोजपुरी
निर्देशांक: 25°45′37″N 84°08′49″E / 25.76028°N 84.14694°E / 25.76028; 84.14694

बलिया (Ballia), जिसे भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन में अपने उल्लेखनीय योगदान के वजह से बागी बलिया(Rebel Ballia) के नाम से भी जाना जाता है, भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के बलिया ज़िले में स्थित एक नगर है। यह उस ज़िले का मुख्यालय भी है।[1][2]

रसड़ा बस्ती का दृश्य
लिट्टी चोखा, बलिया, उत्तर प्रदेश के अन्य पूर्वी भागों, बिहारझारखंड का एक व्यंजन
श्री राम जानकी मंदिर

भूगोलसंपादित करें

इस शहर की पूर्वी सीमा गंगा और सरयू के संगम द्वारा बनायी जाती है। यह शहर वाराणसी से 140 किलोमीटर, लखनऊ से 390 किलोमीटर, गोरखपुर से 165 किलोमीटर और देश की राजधानी नई दिल्ली से 900 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है। भोजपुरी यहाँ की प्राथमिक स्थानीय भाषा है। यह क्षेत्र गंगा और घाघरा के बीच के जलोढ़ मैदानों में स्थित है। अक्सर बाढ़ग्रस्त रहने वाले इस उपजाऊ क्षेत्र में चावल, जौ, मटर, ज्वार-बाजरा, दालें, तिलहन और गन्ना उगाया जाता है। शहर की पूर्वी सीमा गंगा और घाघरा के संगम में निहित है। वहाँ पर एक बहुत प्रसिद्ध भगवती जी का मन्दिर है जो रेवती के बगल में एक छोटे गाँव सोभनाथपुर में स्थित है।

इतिहाससंपादित करें

बलिया एक प्राचीन शहर है। भारत के कई महान संत और साधु जैसे जमदग्नि, वाल्मीकि, भृगु, दुर्वासा आदि के आश्रम बलिया में थे। बलिया प्राचीन समय में कोसल साम्राज्य का एक भाग था। यह भी कुछ समय के लिए बौद्ध प्रभाव में आया था। पहले यह् गाजीपुर जिले का एक हिस्सा था, लेकिन बाद में यह जिला हो गया। यह राजा बलि की धरती मानी जाती हैं। उन्ही के नाम पर इसका नाम बलिया पड़ा। 1942 के अंग्रेजो भारत छोड़ो आन्दोलन के वक़्त बलिया के क्रांतिकारियों ने चित्तू पाण्डे के नेतृत्वा में बलिया को आजाद करा लिया गया था। एवं पाण्डे के नेतृत्वा में स्वतंत्र सरकार की स्थापना कर ली गई थी।[कृपया उद्धरण जोड़ें]

जनसांख्यिकीसंपादित करें

2001 की भारतीय जनगणना में,[3] बलिया की आबादी 102,226 थी। जनसंख्या में पुरुषों और महिलाओं का प्रतिशत 46% एव 54% है। यहाँ 55% महिलाओं एव 65% पुरुष साक्षरता के साथ 77% की औसत साक्षरता दर जो 75.5% के राष्ट्रीय औसत से अधिक था। जनसंख्या के ग्यारह प्रतिशत उम्र के छह वर्षों के तहत किया गया।

शिक्षासंपादित करें

बलिया में जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय स्थित है, जिसकी स्थापना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 2016 में कई गयी थी।[4] विश्वविद्यालय से बलिया तथा आस-पास के क्षेत्रों के 122 कॉलेज सम्बद्ध हैं।[5]

आसपास के स्थलसंपादित करें

एक वार्षिक मेले के ददरी मेला, एक मैदान पर शहर की पूर्वी सीमा पर गंगा और सरयू नदियों के संगम पर मनाया जाता है। मऊ, आजमगढ़, देवरिया, गाजीपुर और वाराणसी के रूप में पास के जिलों के साथ नियमित संपर्क में रेल और सड़क के माध्यम से मौजूद है। रसड़ा यहाँ से ३५ किलोमीटर पश्चिम में स्थित एक क़स्बा है। यहाँ नाथ बाबा का मंदिर है जो स्थानीय सेंगर राजपूतों के देवता हैं। इसके अलावा यहाँ दरगाह हज़रत रोशन शाह बाबा, दरगाह हज़रत सैयद बाबा और लखनेसर डीह के प्राचीन अवशेष दर्शनीय स्थल हैं। नरही थाना क्षेत्र में बाबू राय बाबा का मंदिर है। जो कि नरही वाशियों की लोकप्रिय देवताओं ने से एक माने जाते हैं यहाँ ग्राम नरही मे पूरब तरफ टेढ़वा के मठिया के समीप सुप्रसिद्ध श्री भीम ब्रम्ह बाबा का मंदिर स्थिति है, जिनकी ख्याति दूर दूर तक फैली है, का निर्माण मठिया के निवासी श्री कन्हैया यादव ने ही जनसहयोग से कराया था।

उल्लेखनीय व्यक्तित्वसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "Uttar Pradesh in Statistics," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716
  2. "Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance Archived 23 अप्रैल 2017 at the वेबैक मशीन.," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975
  3. "भारत की जनगणना २००१: २००१ की जनगणना के आँकड़े, महानगर, नगर और ग्राम सहित (अनंतिम)". भारतीय जनगणना आयोग. अभिगमन तिथि 2007-09-03.
  4. "Raj Bhavan Uttar Pradesh- List of State Universities". upgovernor.nic.in. Raj Bhavan Uttar Pradesh. मूल से 7 अप्रैल 2018 को पुरालेखित.
  5. "विद्यापीठ से अलग होंगे बलिया के 122 कॉलेज - Varanasi City News". मूल से 23 फ़रवरी 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 11 अप्रैल 2018.