बांसवाड़ा

राजा बांसिया भील का नगर

बांसवाड़ा (Banswara) भारत के राजस्थान राज्य के बांसवाड़ा ज़िले में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय भी है, और राजस्थान के दक्षिणी भाग में गुजरातमध्य प्रदेश राज्यों की सीमा के निकट है। बांसवाड़ा को 18/03/2023 को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा संभाग घोषित किया गया है।इसे "सौ द्वीपों का नगर" भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ से होकर बहने वाली माही नदी में अनेकानेक से द्वीप हैं। [1][2]

बांसवाड़ा
Banswara
बांसवाड़ा के संस्थापक राजा बांसिया भील
बांसवाड़ा is located in राजस्थान
बांसवाड़ा
बांसवाड़ा
राजस्थान में स्थिति
निर्देशांक: 23°33′N 74°27′E / 23.55°N 74.45°E / 23.55; 74.45निर्देशांक: 23°33′N 74°27′E / 23.55°N 74.45°E / 23.55; 74.45
देश भारत
प्रान्तराजस्थान
ज़िलाबांसवाड़ा ज़िला
ऊँचाई302 मी (991 फीट)
जनसंख्या (2011)
 • कुल1,00,128
भाषा
 • प्रचलित भाषाएँवागडी, हिन्दी
समय मण्डलभामस (यूटीसी+5:30)
पिनकोड327001
दूरभाष कोड02962
वाहन पंजीकरणRJ-03
लिंगानुपात1000:954 /
वेबसाइटbanswara.rajasthan.gov.in

विवरण संपादित करें

बांसवाड़ा के आसपास का क्षेत्र अन्य क्षेत्रों की तुलना में समतल और उपजाऊ है, माही बांसवाड़ा की प्रमुख नदी है। मक्का, गेहूँ और चना बांसवाड़ा की प्रमुख फ़सलें हैं। बांसवाड़ा में लोह-अयस्क, सीसा, जस्ता, चांदी और मैंगनीज पाया जाता है। इस क्षेत्र का गठन 1530 में बांसवाड़ा रजवाड़े के रूप में किया गया था और बांसवाड़ा शहर इसकी राजधानी था। 1948 में राजस्थान राज्य में विलय होने से पहले यह मूल डूंगरपुर राज्य का एक भाग था।

 
छसो साल पुराना राजा बाँसीया भील का महल

बांसवाड़ा के पूर्व में प्रतिवेशी पहाड़ियों द्वारा बने एक गर्त में बाई तालाब नाम से ज्ञात एक कृत्रिम तालाब है जो महारावल जगमाल की रानी द्वारा निर्मित बताया जाता है। लगभग 1 किलोमीटर दूर रियासत के शासकों की छतरियां हैं। कस्बे में कुछ हिन्दूजैन मन्दिर व एक पुरानी मस्जिद भी है। अब्दुल्ला पीर दरगाह निकटस्थ ग्राम भवानपुरा में स्थित है। इस स्थान पर प्रतिवर्ष बोहरा सम्प्रदाय के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित होते हैं। माही परियोजना बांध की नहरों में पानी वितरण के लिए शहर के पास निर्मित कागदी पिक-अप-वियर है जो सैलानियों के लिए आकर्षण का मुख्य केन्द्र है।बांसवाडा जिले मे तलवाङा नामक गांव के निकट मंदिर की गदाधर की मूर्ति पर सोलंकी राजा सिद्धराज जयसिंह का लेख है संभवतः यह मूर्ति गुजरात से लायी गयी हो या जयसिंह का संबंध इस प्रांत से रहा हो।[3]

इन्हें भी देखें संपादित करें

संदर्भ संपादित करें

  1. "Lonely Planet Rajasthan, Delhi & Agra," Michael Benanav, Abigail Blasi, Lindsay Brown, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012332
  2. "Berlitz Pocket Guide Rajasthan," Insight Guides, Apa Publications (UK) Limited, 2019, ISBN 9781785731990
  3. शर्मा, गोपीनाथ (1971). राजस्थान का इतिहास. आगरा: शिवलाल एंड कम्पनी. पृ॰ 10.