माही नदी पश्चिमी भारत की एक प्रमुख नदी हैं। माही का उद्गम मध्यप्रदेश के धार जिला के समीप मिन्डा ग्राम की विंध्याचल पर्वत श्रेणी से हुआ है। यह दक्षिणी अरावली में जयसमन्द झील से प्रारम्भ होती है। यह मध्य प्रदेश के धार, झाबुआ और रतलाम जिलों तथा गुजरात राजस्थान राज्य से होती हुई खंभात की खाड़ी द्वारा अरब सागर में गिरती है।[1][2]

मही नदी
Mahi river
મહી નદી
MAHI RAILWAY BRIDGE SEVALIYA-5.jpg
मही नदी
मही नदी की गुजरात के मानचित्र पर अवस्थिति
मही नदी
स्थान
देश Flag of India.svg भारत
राज्य मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात
भौतिक लक्षण
नदीशीर्षविंध्य पर्वत
 • स्थानमध्य प्रदेश
नदीमुख खम्बात की खाड़ी (अरब सागर)
 • स्थान
आणंद ज़िला, गुजरात
 • निर्देशांक
22°16′N 72°58′E / 22.267°N 72.967°E / 22.267; 72.967निर्देशांक: 22°16′N 72°58′E / 22.267°N 72.967°E / 22.267; 72.967
लम्बाई 580 कि॰मी॰ (360 मील)approx.
प्रवाह 
 • औसत383 m3/s (13,500 घन फुट/सेकंड)
 • न्यूनतम0 m3/s (0 घन फुट/सेकंड)
 • अधिकतम10,887 m3/s (384,500 घन फुट/सेकंड)
जलसम्भर लक्षण

इसकी दक्षिणी-पूर्वी शाखा बांसवाड़ा जिले से विपरीत दिशा में आकर मिलती है। इस पर माही बजाज सागर एवं कडाणा बाँध बनाये गए हैं। यह खम्भात की खाड़ी में गिरती है। इसकी कुल लम्बाई लगभग 576 किलोमीटर है। माही भारत की एकमात्र ऐसी नदी है जो कर्क रेखा को दो बार काटती है। यह भारत की पवित्र नदियो मे से एक है। मही पर एक जलविद्युत ऊर्जा उत्पन्न करने का एक बाँध है जो गुजरात के महीसागर ज़िले में स्थित है और कदाणा बाँध कहलाता है। सोम, जाखम, चाप, अनास, मोरेन, इरू माही नदी की सहायक नदियां हैं

इन्हें भी देंखेसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "Gazetteers: Panchmahals District," Volume 9 of Gazetteers, Gujarat (India), Directorate of Government Printing, Government of India, 1972
  2. "India Guide Gujarat," Anjali H. Desai, Vivek Khadpekar, India Guide Publications, 2007, ISBN 9780978951702