मदन लाल मधु

भारतीय कवि और अनुवादक

पद्म श्री डॉ० मदन लाल मधु रूस में हिन्दी-रूसी भाषा के अनुवादक के रूप में 57 साल काम किए थे। वे सबसे पह्रूले रूस में 1957 में आए थे। तब से वे यहीं काम करते रहे थे।

मदन लाल मधु

कार्यसंपादित करें

डॉ० मदन लाल मधु एक लेखक और कवि भी थे। उन्होंने एलेक्ज़ैन्डर पुश्किन से लेकर लियो टॉल्स्टॉय की कृतियों का हिन्दी में अनुवाद किया था तथा कई भारतीय कार्यों का रूसी भाषा में अनुवाद किया था।

हिन्दुस्तानी समाजसंपादित करें

रूस में बसे भारतियों को एकजुट करने और रूस और भारत के सांस्कृतिक सम्बंध सुधारने के लिए मधु ने हिन्दुस्तानी समाज की नीव रखी और अधिकांशतः वे ही इस समाज के अध्यक्ष रहे।

देहन्तसंपादित करें

डॉ० मदन लाल मधु का देहान्त 7 जुलाई 2015 को हुआ।[1]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें