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निर्देशांक: 25°17′N 79°52′E / 25.28°N 79.87°E / 25.28; 79.87 उत्तर प्रदेश के महोबा जिला का मुख्यालय, महोबा जहां एक ओर विश्व प्रसिद्ध खजुराहो के लिए प्रसिद्ध है वहीं दूसरी ओर गोरखगिरी पर्वत, ककरामठ मंदिर, सूर्य मंदिर, चित्रकूट और कालिंजर आदि के लिए भी विशेष रूप से जाना जाता है। महोबा झांसी से १४० किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। महोबा उत्तर प्रदेश राज्य का एक जिला है। ऐतिहासिक दृष्टि से भी यह स्थान काफी महत्वपूर्ण है। काफी समय तक चन्देलों ने यहां शासन किया है। अपने काल के दौरान चंदेल राजाओं ने कई ऐतिहासिक किलों और मंदिरों आदि का निर्माण करवाया था। इसके पश्चात् इस जगह पर प्रतिहार राजाओं ने शासन किया। महोबा सांस्कृतिक दृष्टि से काफी प्रमुख माना जाता है। पहले इस जगह को महोत्सव नगर के नाम से जाना जाता था, लेकिन बाद में इसका नाम बदल कर महोबा रख दिया गया।

महोबा
—  शहर ity  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य उत्तर प्रदेश
ज़िला महोबा
अध्यक्ष
जनसंख्या 78,806 (2001 के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• 214 मीटर (702 फी॰)

भूगोलसंपादित करें

महोबा की स्थिति 25°17′N 79°52′E / 25.28°N 79.87°E / 25.28; 79.87.[1] पर है। यहां की औसत ऊंचाई 214 मीटर (702 फीट) है।

प्रमुख आकर्षणसंपादित करें

गोरखगिरी पर्वतसंपादित करें

महोबा स्थित गोरखगिरी पर्वत एक खूबसूरत पिकनिक स्थल है। इसी पर्वत पर गुरू गोरखनाथ कुछ समय के लिए अपने शिष्य सिद्धो दीपक नाथ के साथ ठहरें थे। इसके अलावा यहां भगवान शिव की नृत्य करती मुद्रा में एक मूर्ति भी है। प्रत्‍येक पूर्णिमा के दिन यहां गोरखगिरि की परिक्रमा की जाती है

सूर्य मंदिरसंपादित करें

इन्हें भी देखें: सूर्य मंदिर, महोबा

सूर्य मंदिर राहिला सागर के पश्चिम दिशा में स्थित है। इस मंदिर का निर्माण राहिला के शासक चंदेल ने अपने शासक काल ८९० से ९१० ई. के दौरान नौवीं शताब्दी में करवाया था। इस मंदिर की वास्तुकला काफी खूबसूरत है।

खजुराहोसंपादित करें

महाबो से खजुराहो ६१ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। विश्व प्रसिद्ध मंदिर खजुराहो महाबो के प्रमुख व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। इस मंदिर का निर्माण ९५० ई. और १०५० ई. में चन्देलों द्वारा करवाया गया था। इस मंदिर के आस-पास २५ अन्य मंदिर भी है। इस मंदिर की वास्तुकला बहुत आकर्षक है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।

कालिंजरसंपादित करें

महोबा से १०९ किलोमीटर की दूरी पर स्थित कालिंजर किलों के लिए काफी प्रसिद्ध है। १५वीं और १९वीं शताब्दी के मध्य में इस किले का विशेष महत्व रहा है। किले के भीतर कई अन्य जगह जैसे नीलकंठ मंदिर, सीता सेज, पटल गंगा, पांडु खुर्द, कोटि तीर्थ और भैरों की झरिद आदि स्थित है।

चित्रकूटसंपादित करें

महोबा से १२७ किलोमीटर की दूरी पर स्थित चित्रकूट की प्राकृतिक सुंदरता काफी अद्भुत है। चित्रकूट अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। माना जाता है कि भगवान राम और सीता ने अपने चौदह वर्ष यहीं पर बिताए थे। कालिञर वह प्रसिद्ध स्थान है जहा शेर शाह सूरी नामक शाषक की म्रत्यु हुई थी।

आवागमनसंपादित करें

वायु मार्ग

सबसे निकटतम हवाई अड्डा खजुराहो विमानक्षेत्र है। खजुराहो से महोबा ६५ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

रेल मार्ग

महोबा ग्‍वालियर, दिल्ली और मुम्बई आदि जगहों से रेलमार्ग द्वारा जुड़ी हुई है।

सड़क मार्ग

महोबा कई प्रमुख शहरों से सड़कमार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है।

सन्दर्भसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें