मानसिक स्वास्थ्य या तो संज्ञानात्मक अथवा भावनात्मक सलामती के स्तर का वर्णन करता है या फिर किसी मानसिक विकार की अनुपस्थिति को दर्शाता है।[1][2] सकारात्मक मनोविज्ञान विषय या साकल्यवाद के दृष्टिकोण से मानसिक स्वास्थ्य में एक व्यक्ति के जीवन का आनंद लेने की क्षमता और जीवन की गतिविधियों और मनोवैज्ञानिक लचीलापन हासिल करने के प्रयास के बीच सामंजस्य शामिल हो सकता है।[1] मानसिक स्वास्थ्य हमारी भावनाओं की अभिव्यक्ति है और मांग की विस्तृत श्रृंखला के लिए एक सफल अनुकूलन का प्रतीक है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन, मानसिक स्वास्थ्य को परिभाषित करते हुए कहता है कि यह "सलामती की एक स्थिति है जिसमें किसी व्यक्ति को अपनी क्षमताओं का एहसास रहता है, वह जीवन के सामान्य तनावों का सामना कर सकता है, लाभकारी और उपयोगी रूप से काम कर सकता है और अपने समाज के प्रति योगदान करने में सक्षम होता है।[3] यह पहले कहा जा चुका है कि मानसिक स्वास्थ्य की कोई एक "आधिकारिक" परिभाषा नहीं है। सांस्कृतिक मतभेद, व्यक्तिपरक आकलन और प्रतिस्पर्धी पेशेवर सिद्धांत, ये सभी इस बात को प्रभावित करते हैं कि "मानसिक स्वास्थ्य" को कैसे परिभाषित किया जाता है।[4] मानसिक स्वास्थ्य विकार के विभिन्न प्रकार हैं जिनमें से कुछ आम हैं, जैसे अवसाद और दुश्चिंता विकार और कुछ आम नहीं हैं, जैसे कि विखंडितमानसिकता और द्विध्रुवी विकार.[5]

सबसे हाल में, वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य का क्षेत्र उभरा है जिसे 'अध्ययन, शोध और अभ्यास के ऐसे क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया गया है जो मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने को प्राथमिकता देता है और दुनिया भर में सभी लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के समान स्तर को हासिल करने का प्रयास करता है।[6]

इतिहाससंपादित करें

19वीं शताब्दी के मध्य में, विलियम स्वीटजर प्रथम व्यक्ति थे जिन्होंने "मानसिक स्वास्थ्य" को पहली बार स्पष्ट रूप से परिभाषित किया, जिसे सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के कार्यों के समकालीन दृष्टिकोण के अग्रदूत के रूप में देखा जा सकता है।[7] इसाक रे जो अमेरिकी मनोरोग एसोसिएशन के तेरह संस्थापकों में से एक थे, उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को एक कला के रूप में परिभाषित किया है जिसका कार्य है ऐसी घटनाओं और प्रभावों के खिलाफ मस्तिष्क को संरक्षित करना जो इसकी ऊर्जा, गुणवत्ता या विकास को बाधित या नष्ट कर सकते हैं।[7]

"मानसिक स्वास्थ्य" के क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण शख्सियत थी डोरोथिया डिक्स (1808-1887), एक स्कूल शिक्षिका, जिन्होंने अपने पूरे जीवन उन लोगों की सहायता के लिए प्रचार किया जो मानसिक बीमारी से पीड़ित थे और उन दु:खद परिस्थितियों को सामने रखा जिसमे इन लोगों को रखा जाता था।[8] इसे "मानसिक स्वच्छता आन्दोलन" के रूप में जाना गया।[8] इस आंदोलन से पहले, यह आम था कि मानसिक बीमारी से प्रभावित लोगों को 19 वीं शताब्दी में काफी उपेक्षित किया जाता था, अक्सर खेदजनक स्थिति में अकेला छोड़ दिया जाता था और उनके पास बमुश्किल पर्याप्त कपड़े होते थे।[8] डिक्स के प्रयास इतने कारगर थे कि मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं में रोगियों की संख्या में वृद्धि होने लगी, जिसके परिणामस्वरूप इन रोगियों की देखभाल अच्छी तरह नहीं हो पा रही थी, क्योंकि इन संस्थानों में कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर कमी थी।[8]

20 वीं सदी की शुरुआत में, क्लिफर्ड बीयर्स ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य समिति की स्थापना की और संयुक्त राज्य में प्रथम आउट पेशेंट मानसिक स्वास्थ्य क्लिनिक खोला.[7][9]

पहला मनोरोग अस्पतालसंपादित करें

हालांकि वास्तविक मनोरोग अस्पताल में इलाज की ऐतिहासिक शुरुआत अभी भी विवाद का विषय है, इस बात के सबूत जमा हो

परिप्रेक्ष्यसंपादित करें

मानसिक स्वास्थ्यसंपादित करें

मानसिक स्वास्थ्य को सातत्य के रूप में देखा जा सकता है जहां एक व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य के कई विभिन्न संभावित मूल्य हो सकते हैं।[10] मानसिक स्वस्थ को आम तौर पर एक सकारात्मक गुण के रूप में देखा जाता है, इस रूप में कि एक व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य के वर्धित स्तर तक पहुंच सकता है, भले ही उनमे किसी भी निदान योग्य मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति नहीं है। मानसिक स्वास्थ्य की यह परिभाषा भावनात्मक स्वास्थ्य, एक पूर्ण और रचनात्मक जीवन को जीने की क्षमता और जीवन की अनिवार्य चुनौतियों से निपटने के लचीलेपन को इंगित करती है।[कृपया उद्धरण जोड़ें] कई चिकित्सीय प्रणाली और स्वयं सहायता किताबें उपलब्ध हैं जो स्वस्थ लोगों के मानसिक कल्याण में अतिरिक्त सुधार लाने के लिए तरीके और रणनीतियों के दर्शन को सुझाती हैं। सकारात्मक मनोविज्ञान, मानसिक स्वास्थ्य में तेजी से महत्वपूर्ण होता जा रहा है।

मानसिक स्वास्थ्य के एक समग्र मॉडल में आमतौर पर ऐसी अवधारणाएं शामिल होती हैं जो मानवविज्ञान, शैक्षिक, मानसिक, धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण पर आधारित होती है, साथ ही साथ इसमें व्यक्तित्व, सामाजिक नैदानिक, स्वास्थ्य और विकासात्मक मनोविज्ञान का सैद्धांतिक दृष्टिकोण शामिल होता है।[11][12]

कल्याण (वेलनेस) मॉडल के एक उदाहरण में शामिल है मायर्स, स्वीनी और विट्मर द्वारा विकसित मॉडल. इसमें पांच जीवन कार्य शामिल हैं - सार या अध्यात्म, काम और आराम, दोस्ती, प्रेम और आत्म-निर्देशन और बारह उप-कार्य - उपयोगिता की भावना, नियंत्रण की भावना, यथार्थवादी विश्वास, भावनात्मक जागरूकता और परछती, समस्या समाधान रचनात्मकता, हास्य की भावना, पोषण, व्यायाम, खुद की देखभाल, तनाव प्रबंधन, लिंग पहचान और सांस्कृतिक पहचान, - इन सब को स्वस्थ कामकाज के लक्षण और कल्याण के प्रमुख घटक के रूप में पहचाना जाता है। ये घटक जीवन की परिस्थितियों के प्रति प्रतिक्रया करने के ऐसे साधन उपलब्ध कराते हैं जो स्वस्थ कामकाज को बढ़ावा देता है। अमेरिका की अधिकांश आबादी मानसिक स्वास्थ्य पर शिक्षित नहीं है।[13]

मानसिक विकार का अभावसंपादित करें

मानसिक स्वास्थ्य को किसी प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य हालत के अभाव के रूप में भी परिभाषित किया जा सकता है (उदाहरण के लिए, मानसिक विकार की नैदानिक ​​और सांख्यिकी पुस्तिका के किसी एक निदान में) यद्यपि सकारात्मक मनोविज्ञान से उभरने वाले हालिया साक्ष्य (ऊपर देखें) से पता चलता है कि मानसिक स्वास्थ्य किसी मानसिक विकार या बीमारी की अनुपस्थिति से कहीं आगे का विषय है। सहज रूप से, मानसिक स्वास्थ्य किसी व्यक्ति के मन के स्वास्थ्य का उल्लेख करता है।[14] इसलिए सामाजिक, सांस्कृतिक, शारीरिक और शैक्षणिक प्रभाव किसी व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।[5]

सांस्कृतिक और धार्मिक विचारसंपादित करें

मानसिक स्वास्थ्य का सामाजिक रूप से निर्माण किया जा सकता है और सामाजिक रूप से परिभाषित किया जा सकता है; अर्थात, विभिन्न व्यवसाय, समुदाय, समाज और संस्कृति के अपनी प्रकृति और कारणों की संकल्पना बनाने के बिलकुल अलग तरीके होते हैं, यह तय करने के कि मानसिक रूप से क्या स्वस्थ (सही) है और यह निर्णय लेने के कि कौन से हस्तक्षेप उचित हैं।[15] इस प्रकार, विभिन्न पेशेवरों की अपनी भिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक पृष्ठभूमि और अनुभव होंगे, जो इलाज के दौरान लागू की जाने वाली कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकती है।

अनुसंधान से पता चलता है कि मानसिक रुग्णता से कलंक जुड़ा हुआ है।[16] युनाईटेड किंगडम में, रॉयल कॉलेज ऑफ़ साइकिऐट्रिस्ट चेन्जिंग माइंड्स (1998-2003) अभियान आयोजित किया ताकि इस कलंक को कम किया जा सके.[17]

कई मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर इस बात को समझने लगे हैं, या समझ चुके हैं कि धार्मिक विविधता और आध्यात्मिकता में योग्यता का क्या महत्व है। अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि धर्म का सम्मान किया जाना चाहिए. अमेरिकन साइकिऐट्रिस्ट एसोसिएशन द्वारा आध्यात्मिक और धार्मिक मामलों में शिक्षा भी आवश्यक है।[18]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. About.com (2006, जुलाई 25). क्या है मानसिक स्वास्थ्य?. जून 1, 2007 को अभिगामित About.com Archived 2016-03-04 at the Wayback Machine
  2. प्रिंसटन विश्वविद्यालय (अंतिम अद्यतन अज्ञात). जून 1, 2007 को अभिगामित, Princeton.edu[मृत कड़ियाँ]
  3. विश्व स्वास्थ्य संगठन (2004). मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना: अवधारणाएं, उभरते सबूत, अभ्यास: विक्टोरियन स्वास्थ्य संवर्धन फाउंडेशन और मेलबर्न विश्वविद्यालय के सहयोग से विश्व स्वास्थ्य संगठन, मानसिक स्वास्थ्य और मादक द्रव्यों के सेवन विभाग की एक रिपोर्ट. विश्व स्वास्थ्य संगठन. जिनेवा.
  4. विश्व स्वास्थ्य रिपोर्ट 2001 - मानसिक स्वास्थ्य: नई समझ, नई आशा Archived 2009-10-31 at the Wayback Machine, विश्व स्वास्थ्य संगठन, 2001
  5. किचनर, बीए और जोर्म, एएफ, 2002, मानसिक स्वास्थ्य प्राथमिक सहायता मैनुअल. मानसिक स्वास्थ्य अनुसंधान केन्द्र, कैनबरा .. 5 p
  6. पटेल, वी., राजकुमार, एम. (2010). वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य - एक नया वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र का उभरना. JAMA, 303, 1976-1977.
  7. जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय. (2007). मानसिक स्वास्थ्य का मूल. जून 1, 2007 को पुनः प्राप्त, JHSPH.edu Archived 2008-07-06 at the Wayback Machine
  8. बारलो, DH, डूरंड, वीएम, स्टीवार्द, एसएच. (2009). असामान्य मनोविज्ञान: एक एकीकृत दृष्टिकोण (सेकंड कनाडा संस्करण). टोरंटो: नेल्सन. p.16
  9. क्लिफर्ड बीयर्स क्लिनिक. (30 अक्टूबर 2006) क्लिफर्ड बीयर्स क्लिनिक के बारे में. जून 1, 2007 को पुनः प्राप्त, CliffordBeers.org Archived 2008-03-15 at the Wayback Machine
  10. Keyes, Corey (2002). "The mental health continuum: from languishing to flourishing in life". Journal of Health and Social Behaviour. 43 (2): 207–222. डीओआइ:10.2307/3090197. मूल से 25 मार्च 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 1 अप्रैल 2011.
  11. Witmer, J.M.; Sweeny, T.J. (1992). "A holistic model for wellness and prevention over the lifespan". Journal of Counseling and Development. 71: 140–148.
  12. Hattie, J.A.; Myers, J.E.; Sweeney, T.J. (2004). "A factor structure of wellness: Theory, assessment, analysis and practice". Journal of Counseling and Development. 82: 354–364.सीएस1 रखरखाव: एक से अधिक नाम: authors list (link)
  13. Myers, J.E.; Sweeny, T.J.; Witmer, J.M. (2000). "The wheel of wellness counseling for wellness: A holistic model for treatment planning. Journal of Counseling and Development". Journal of Counseling and Development. 78: 251–266.सीएस1 रखरखाव: एक से अधिक नाम: authors list (link)
  14. Barbara Kozier (2008). Fundamentals of nursing: concepts, process and practice. Pearson Education. पृ॰ 181. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780131976535. मूल से 25 नवंबर 2011 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 18 दिसम्बर 2010.
  15. Weare, Katherine (2000). Promoting mental, emotional and social health: A whole school approach. London: RoutledgeFalmer. पृ॰ 12. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0415168755.
  16. उप प्रधानमंत्री कार्यालय - सामाजिक बहिष्करण यूनिट: " तथ्यपत्र 1: मानसिक स्वास्थ्य आधार पर कलंक और भेदभाव Archived 2008-12-29 at the Wayback Machine ".2004.
  17. रॉयल कॉलेज ऑफ़ साइकिऐट्रिस्ट: चेन्जिंग माइंड्स Archived 2012-05-03 at the Wayback Machine .
  18. Richards, P.S.; Bergin, A.E. (2000). Handbook of Psychotherapy and Religious Diversity. Washington D.C.: American Psychological Association. पृ॰ 4. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-1557986245.

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

संबंधित अवधारणाएंसंपादित करें

  • वियोजन
  • मानसिक विकार
  • मानसिक वातावरण
  • मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर
  • मानसिक स्वास्थ्य
  • डीएसएम-IV के लिए संरचित नैदानिक साक्षात्कार
  • मानसिक रोग

संबंधित विषय और विशेषज्ञतासंपादित करें

  • DSM-IV कोड्स
  • सकारात्मक मनोविज्ञान
  • मनश्चिकित्सक नर्स
  • मनोरोग
  • मनोविज्ञान
  • सामाजिक कार्य
  • युवा स्वास्थ्य

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें