मेरे हमदम मेरे दोस्त

1968 की अमर कुमार की फ़िल्म

मेरे हमदम मेरे दोस्त 1968 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। यह अमर कुमार द्वारा निर्देशित है। फिल्म में धर्मेन्द्र, शर्मिला टैगोर, ओम प्रकाश, रहमान और मुमताज़ हैं। इस फिल्म का संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने दिया और गीत के बोल मजरुह सुल्तानपुरी ने लिखें।

मेरे हमदम मेरे दोस्त
मेरे हमदम मेरे दोस्त.jpg
मेरे हमदम मेरे दोस्त का पोस्टर
निर्देशक अमर कुमार
निर्माता केवल कुमार
लेखक राजिन्दर सिंह बेदी (संवाद)
अभिनेता धर्मेन्द्र,
शर्मिला टैगोर,
रहमान,
ओम प्रकाश,
मुमताज़
संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
प्रदर्शन तिथि(याँ) 1968
देश भारत
भाषा हिन्दी

संक्षेपसंपादित करें

सुनील (धर्मेन्द्र) अपनी मां और बहन के साथ दिल्ली में रहता है। वह चोपड़ा एंड कंपनी में चार्टर्ड एकाउंटेंट के रूप काम करता है। वह एक खूबसूरत महिला को एक पेंटिंग के लिए पोज़ देते हुए देखता है और सोचता है कि वह गरीब और जरूरतमंद है। महिला का नाम अनीता (शर्मिला टैगोर) है और दोनों एक दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं।

सुनील और अनीता शादी करने का इरादा रखते हैं और सुनील अनीता को अपनी माँ से भी मिलवाता है। एक दिन एक पार्टी में सुनील यह जानकर चौंक जाता है कि अनीता एक करोड़पति है। इस धोखे से स्तब्ध होकर वह कसम खाता है कि उसका उससे कोई लेना-देना नहीं रहेगा। जब अनीता चीजों को शांत करने की कोशिश करती है तो सुनील मान जाता है। तब यह पता चलता है कि अनीता के पिता, जो जेल में हैं ने सुनील के पिता को मार डाला था।

मुख्य कलाकारसंपादित करें

संगीतसंपादित करें

सभी गीत मजरुह सुल्तानपुरी द्वारा लिखित; सारा संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल द्वारा रचित।

क्र॰शीर्षकगायकअवधि
1."हमें तो हो गया है प्यार"लता मंगेशकर3:59
2."ना जा कहीं अब ना जा"मोहम्मद रफ़ी6:25
3."हमने तो किया है प्यार"लता मंगेशकर5:03
4."छलकाये ये जाम आइये"मोहम्मद रफ़ी4:45
5."हुई शाम उनका ख्याल आ गया"मोहम्मद रफ़ी4:35
6."चलो सजना जहाँ तक"लता मंगेशकर4:56
7."अल्लाह ये अदा कैसी"लता मंगेशकर6:55

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें