रामदीन सिंह (१८५६ - १९०३) बलिया के राजकुमार, हिन्दीसेवी साहित्यकार तथा खड्गविलास प्रेस के संस्थापक थे। उनके द्वारा १८८० में स्थापित खड्गविलास प्रेस के कारण हिन्दी साहित्य के प्रचार-प्रसार में बहुत सहायता मिली। प्रेस शुरू करने से पहले वे बिहार में हिन्दी के लिए आंदोलन चला रहे थे।

रामदीन सिंह का बचपन पटना जिले के तारणपुर गांव में बीता जहां उनके मामा का घर था। उनके पुत्र सारंगधर सिंह भी एक बुद्धिजीवी राजनेता और स्वतंत्रता सेनानी थे। वे सन् 1937 में डॉ॰ श्रीकृष्ण सिंह के नेतृत्व में बने मंत्रिमंडल में संसदीय सचिव थे। बाद में वे बिहार से संविधान सभा के सदस्य बने। उन्होंने 1952 से 1962 तक पटना को लोक सभा में प्रतिनिधित्व किया।

रामदीन सिंह ने 'क्षत्रिय' नामक पत्रिका का सम्पादन किया। उन्होंने 1882 में 'बिहार दर्पण' नाम से एक पुस्तक लिखी थी जो हिन्दी की पहली जीवनी पुस्तक है। इसमें गुरु गोविन्द सिंह सहित कई हस्तियों और समाज सुधारकों की जीवनी छपी थी।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें