राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक

राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक (सीएचओजीएम) एक द्विवार्षिक बैठक है जोकि राष्ट्रों के राष्ट्रमंडल का मुख्य निर्णयकारी पटल है, जहां राष्ट्रमंडल देशों के शासनाध्यक्ष, जिनमें विभिन्न राष्ट्रमंडल देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपतिगण शामिल हैं, आपसी हितों के मामलों पर चर्चा करने के लिए कई दिनों हेतु एकत्रित होते हैं। यह बैठक राष्ट्रमंडल प्रधानमंत्रियों की बैठकों का उत्तराधिकारी है तथा उससे भी पहले की, इंपीरियल सम्मेलन और औपनिवेशिक सम्मेलन की भी, जिन्हें १८८७ से आयोजित किया जाता रहा है। इसके अलावा, वित्त मंत्रियों, कानून मंत्रियों, स्वास्थ्य मंत्रियों आदि की नियमित बैठकें भी होती हैं। उनके समक्ष विशेष सदस्यों के रूप में बकाया राशि के सदस्यों को या तो मंत्रिस्तरीय बैठकों या शासनाध्यक्ष-स्तरीय बैठकों में प्रतिनिधि भेजने के लिए आमंत्रित नहीं किया जाता है।

त्रिनिदाद और टोबैगो में आयोजित २००९ के राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक में सभी सदस्य देशों के शासनाध्यक्ष की ग्रुप तस्वीर।
राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक की पृथ्वी के मानचित्र पर अवस्थिति
1971]
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1973
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1975
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1977, 1986, 2018
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2002
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2003
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2005, 2015
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2007
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2009
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2011
2011
2013
2013
अभी तक आयोजित कुल पचीस बैठकों की अवस्थिति, मानचित्र पर

शासनाध्यक्षों की बैठक की मेजबानी करने वाले सरकार के प्रमुख को राष्ट्रमंडल पदासीन (कॉमनवेल्थ चेयरपर्सन-इन-ऑफिस) कहा जाता है जो अगकी बैठक तक इस पड़ पर बना रखता है।[1]

रूपरेखासंपादित करें

 
तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे, मेज़बान के तौरपर २०१८ में लंदन में आयोजित राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए।

हर दो साल में यह बैठक किसी सदस्य राज्य में आयोजित की जाती है जिसकी अध्यक्षता उस देश के संबंधित प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति करते हैं, जो अगली बैठक तक राष्ट्रमंडल पदाध्यक्ष बने रहते है। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय, जो राष्ट्रमंडल की प्रमुख हैं, ने ओटावा (1973 में) से लेकर पर्थ तक (2011 में) सभी शासनाध्यक्षों की बैठकों में भाग लिया है,[2] हालांकि उनकी औपचारिक भागीदारी 1997 में ही शुरू हुई थी।[3] 2013 की बैठक में वेल्स के राजकुमार द्वारा उनका प्रतिनिधित्व किया गया था क्योंकि वे बढ़ती उम्र के कारण लंबी यात्राएँ करने में अक्षम थीं। माल्टा में 2015 के शिखर वार्ता तथा लंदन में आयोजित 2018 की वार्ता में रानी ने, राष्ट्रमंडल के प्रमुख के रूप में भाग लिया था।[4]

पहली शासनाध्यक्षों की बैठक 1971 में सिंगापुर में आयोजित की गई थी। तब से कुल 25 ऐसी बैठकों को आयोजित किया जा चूका हैं: सबसे हाल ही में लंदन, इंग्लैंड में राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्ष बैठक आयोजित की गई थी। उन्हें हर दो साल में एक बार आयोजित किया जाता है, हालांकि इस पैटर्न को दो बार बाधित भी किया गया है। इन बैठकें को तमाम राष्ट्रमंडल देशन में विभिन्न देशो द्वारा क्रमिक रूप से आमंत्रण द्वारा आयेजित किया जाता है।[5]

एजेंडासंपादित करें

मिलब्रुक कॉमनवेल्थ एक्शन प्रोग्राम के तहत, प्रत्येक बैठक कॉमनवेल्थ मिनिस्ट्रियल एक्शन ग्रुप के रेमिट को नवीनीकृत करने के लिए जिम्मेदार है, जिसकी जिम्मेदारी कॉमनवेल्थ के मुख्य राजनीतिक सिद्धांतों पर हरारे घोषणा को बनाए रखना है।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "The Commonwealth at and immediately after the Coolum CHOGM". The Round Table. 91 (364): 125–129. April 2002. डीओआइ:10.1080/00358530220144139.
  2. "Queen to miss Commonwealth meeting for first time since 1973" Archived 19 अप्रैल 2018 at the वेबैक मशीन. The Guardian, 7 May 2013
  3. Ingram, Derek (January 2004). "Abuja Notebook". The Round Table. 93 (373): 7–10. डीओआइ:10.1080/0035853042000188157.
  4. "Queen Elizabeth II wraps up nostalgic Malta trip". The Himalayan Times. 29 November 2015. मूल से 8 दिसंबर 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 29 November 2015.
  5. Ingram, Derek (January 1998). "Edinburgh Diary". The Round Table. 87 (345): 13–16. डीओआइ:10.1080/00358539808454395.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें