लखनादौन

लखन्दोन एक शहर और नगर पंचायत भारत मे सिवनी जिल मे है

निर्देशांक: 22°36′N 79°36′E / 22.6°N 79.6°E / 22.6; 79.6 लखनादौन भारत देश में मध्य प्रदेश राज्य के सिवनी जिला की एक तहसील, विधानसभा क्षेत्र और नगरपालिका है यह सिवनी जिला से 61 किलोमीटर दूर उत्तर दिशा की ओर लखनादौननागपुर -जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रंमाक 34 पर स्थित है। यहाँ की भौगोलिक स्थति 22.33 उत्तरी अक्षांश से 22.58 उत्तरी अक्षांश तथा 79.17 पूर्वी देशातंर से 79.44 पूर्वी देशांतर के मध्य लगभग 3602.80 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यहाँ आबाद ग्रामों की संख्या लगभग 445 है। यहाँ का जनसख्या घनत्व 121 प्रति वर्ग किलोमीटर है। सन् 1914 में लखनादौन को तहसील का दर्जा मिला जिसका कार्यालय लखनादौन नगर पर संचालित किया गया है। यह भारत वर्ष की 100 बर्ष पुरानी एकमात्र तहसील है।

लखनादौन
—  शहर  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश  भारत
राज्य मध्य प्रदेश
नगरपालिका अध्यक्ष

श्री जितेंन्द्र राय

विधायक

योगेन्द्र सिंह "बाबा"

जनसंख्या
घनत्व
22000 अनुमानित (2011 के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)
3602.80 वर्ग किलोमीटर कि.मी²
• 563.29 मीटर मीटर

परिचयसंपादित करें

मध्यप्रदेश के सतपुडा पठार में सिवनी जिला के उत्तर में स्थित लखनादौन पठार एक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र लखनादौन, घंसोर, धनौरा एवं छपारा विकासखण्ड के क्षेत्र सम्मिलित है। यहाँ का अधिकांश भाग सघन वन क्षेत्र में प्राकृतिक सौंदर्य के साथ फैला हुआ है।

नामकरणसंपादित करें

लखनादौन बहुत प्राचीन ऐतिहासिक स्थल है, कहा जाता है कि लखनादौन को राजा " लखनकुवंर" ने बसाया था। इस आधार पर इस नगर को लखनादौन के नाम से जाना जाता है। यहाँ पुराने मंदिरों और इमारतों के अवशेष मिलते है। लखनादौन से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर सोनटोरिया नाम की टेकरी है, उसके आस-पास सुलेमानी गुरिया नाम के पत्थर अधिक मात्रा में पाये गये है। लखनादौन के शिलालेख नागपुर संग्रहालय में रखे गये है, इनमें विक्रम दुबे का नाम लिखा है। वहीं दूसरी और यह कृषि से आश्रित है यहाँ की धरती से,उपजा 'अनाज'देश के कोने-कोने तक पहुंचता है! जहाँ पर प्रमुख रूप से मक्का,मूंगफली और धान का 'उत्पादन' अपार होता है!तो वहाँ के 'व्यापारियों'का भी,देश की 'अर्थव्यवस्था'में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। साहू,सोनी,झारिया एवं आदिवासी जैसी समाज का'उत्पादन व व्यापार' के क्षेत्र में हमेशा महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वहाँ के 'नागरिकों' का राजा 'लखन कुँवर'से गहरा नाता था, जिनके नाम पर 'लखनादौन' का नामकरण किया गया था। यहाँ घूमने के लिए मुख्य स्थान सिद्धबाबा का मंदिर जो कि शहर से लगभग 2 किमी मण्डला रोड में स्थित है। इसके अलावा यहाँ शिव जी का बहुत दुर्लभ एवं प्राचीन मंदिर स्थित है जो कि लगभग शहर से 8 किमी दूर जंगल मे स्थित है, स्थानीय लोगो द्वारा इस मंदिर का नाम मठघोघरा दिया गया है, जो कि सतह से लगभग 250 फ़ीट भूमि से नीचे बना हुआ है।

दर्शनीय और ऐतिहासिक स्थलसंपादित करें

  • समुंदराजा
  • मठघोघरा
  • पायली सरोवर
  • गुढ़ी की गुफा
  • कोठी घाट
  • आदेगाँव का किला
  • वनविद्यालय
  • सिद्ध बाबा मंदिर
  • जैन मंदिर समनापुर
  • चिलाचोन्द बांध

प्रमुख धार्मिक स्थलसंपादित करें

  • बंजारी
  • गायत्री मंदिर
  • जैन मंदिर
  • राम मंदिर
  • दुर्गाम्बा मंदिर पावर हाउस
  • खैरमाई मंदिर
  • संकटमोचन हनुमान मंदिर पावर हाउस
  • काल भैरव मंदिर सेैलुआ
  • बालात्रिपुर सुंदरी माता मंदिर गनेशगंज
  • सिध्द बाबा सेैलुआ
  • काल भैरव मंदिर आदेगाँव
  • दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर कृषि फार्म

मेलासंपादित करें

  • साढदेव का मेला
  • रिक्षारिया देव का मेला
  • रामनगरी मेला
  • सिध्द बाबा मेला

बांधसंपादित करें

  • भीमगढ बांध
  • चीलाचौँद बांध
  • इमलिया बांध