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लूटपाट सैन्य या राजनीतिक जीत, युद्ध, प्राकृतिक आपदा या दंगे में तबाही के दौरान, बल द्वारा जान-माल का अंधाधुंध लेना होता है। लूटपाट या लूट शब्द का प्रयोग साधारण चोरी या गबन के लिये भी होता है।

युद्ध में लूटपाटसंपादित करें

युद्ध के दौरान विजयी सेना द्वारा लूटपाट करना इतिहास भर में आम बात रहीं है। पैदल सैनिकों के लिए यह एक तरह से उनके अक्सर अल्प आय के पूरक के रूप में देखा जाता था और जीत के जश्न का हिस्सा हुआ करता था। उच्च स्तर पर लूट की प्रदर्शनी गर्व का एक अभिन्न अंग था। भारतीय इतिहास में मोहम्मद ग़ौरी, महमूद ग़ज़नवी, तैमूरलंग और नादिर शाह की लूटपाट बहुत बदनाम है।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें