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==इतिहास==
प्राचीनकाल में जीलिन क्षेत्र में बहुत सी जातियाँ रहती थीं, जैसे कि [[शियानबेई लोग|शियानबेई]], मोहे और वुजी, और यहाँ कई कोरियाई राज्य स्थापित हुए, जैसे कि बुयेओ, [[गोगुरयेओ]] और बालहाए। उसके बाद एक-के-बाद-एक यह [[ख़ितानी लोगों]] के [[लियाओ राजवंश]], [[जुरचेन लोगों]] के [[जिन राजवंश (१११५–१२३४)]] और [[मंगोल लोगों]] के [[युआन राजवंश]] के तहत रहा। [[मान्छु लोगों]] के [[चिंग राजवंश]] काल में यह जीलिन के सिपहसालार के अधीन था जिसका क्षेत्र आधुनिक [[रूस]] के [[प्रिमोर्स्की क्राय]] तक फैला हुआ था। उन दिनों मान्छु लोग [[हान चीनी]] लोगों को यहाँ बसने कम देते थे। १८६० में प्रिमोर्स्की क्राय पर [[रूसी साम्राज्य]] का अधिकार हो गया और चिंग सरकार ने हान चीनियों को यहाँ बसने कि इजाज़त दे दी। यहाँ बसने वाले अधिकतर चीनी [[शानदोंग]] क्षेत्र से आये। १९३२ में [[जापान]] ने यहाँ एक आज़ाद मंचूकुओ राष्ट्र का गठन किया जिसकी राजधानी [[चांगचून]] शहर को बनाया गया - उस समय चांगचून का नाम 'शिनजिंग' (<small>新京, Hsinjing</small>) रखा गया। [[द्वीतीयद्वितीय विश्वयुद्ध]] के अंत में [[सोवियत संघ]] ने इस पर क़ब्ज़ा कर लिया लेकिन फिर इसे [[माओ ज़ेदोंग]] के साम्यवादियों को दे दिया गया।<ref name="ref81cifof">[http://books.google.com/books?id=dA_QbQiZkB4C Rough guide to China], David Leffman, Simon Lewis, Jeremy Atiyah, Rough Guides, 2003, ISBN 9781843530190</ref>
 
==भूगोल==