"रूनी लिपि" के अवतरणों में अंतर

554 बैट्स् जोड़े गए ,  9 वर्ष पहले
==विवरण==
रूनी लिपियाँ [[देवनागरी]] और रोमन लिपि कि तरह बाएँ से दाएँ लिखी जाती थीं। समझा जाता है कि ये पुरानी इतालवी लिपियों से [[इटली]] क्षेत्र से उत्तर की ओर फैलीं। यह तीन रूनी वर्णमालाएँ थीं जिनपर सब से अधिक भाषावैज्ञानिक जानकारी है -<ref name="ref32ferox">[http://books.google.com/books?id=V3sCCLcsJFkC Northern Lore], Eoghan Odinsson, Eoghan Odinsson, 2010, ISBN 9781452851433, ''... The Elder Futhark is the oldest form of the runic row, used by Germanic tribes for Northwest Germanic and Migration period ... In Scandinavia, the script was simplified to the Younger Futhark from the late 8th century ...''</ref>
*'''वृद्ध फ़ुथ़ार्क''' (<small>ऍल्डर फ़ुथ़ार्क, Elder Futhark</small>) - यह उत्तरपश्चिमी जर्मैनी भाषाओं के लिए 150–800 ईसवी काल में इस्तेमाल होती थी। वृद्ध फ़ुथ़ार्क की सबसे पुरानी लिखाई १६० ईसवी (अनुमानित) में बनी एक कंघी पर मिली है।<ref name="ref89laxux">[http://books.google.com/books?id=-edm1fMPbXwC Texts and Contexts of the Oldest Runic Inscriptions], Tineke Looijenga, pp. 78, BRILL, 2003, ISBN 9789004123960, ''... the oldest known runic object (160 AD), the harja comb, found in the Vimose bog, may have been made in regions south of the Baltic Sea ...''</ref>
*'''ऐंग्लो-सैक्सन फ़ुथ़ार्क''' (<small>Anglo-Saxon Futhark</small>) - यह [[ऐंग्लो-सैक्सन]] लोगों द्वारा [[पुरानी अंग्रेज़ी]] लिखने के लिए 400–1100 ईसवी काल में प्रयोग होती थी। इसे कभी-कभी [[लातिनी भाषा]] लिखने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता था।
*'''युवा फ़ुथ़ार्क''' (<small>यंगर फ़ुथ़ार्क, Younger Futhark</small>) - यह [[स्कैंडिनेविया]] क्षेत्र में पुरानी नॉर्स भाषा लिखने के लिए 800–1100 ईसवी काल में प्रयोग होती थी। इस लिपि से आगे चलकर और रूनी लिपियाँ उत्पन्न हुई। इस लिपि को मारने के लिए ईसाई चर्च ने सन् 1639 में इसका प्रयोग वर्जित कर दिया।<ref name="ref21ragad">[http://books.google.com/books?id=BqTvUyQVUfIC Runes for Transformation: Using Ancient Symbols to Change Your Life], Kaedrich Olsen, Weiser Books, 2008, ISBN 9781578634255, ''... The Younger Futhark was used in Scandinavia from about 500 CE until 1639 CE, when it was banned by the church ...''</ref>