"लोकविभाग": अवतरणों में अंतर

3 बाइट्स जोड़े गए ,  9 वर्ष पहले
छो
Bot: अंगराग परिवर्तन
(नया पृष्ठ: {{आधार}} '''लोकविभाग''' विश्वरचना सम्बंधी एक जैन ग्रंथ है।...)
 
छो (Bot: अंगराग परिवर्तन)
'''लोकविभाग''' [[विश्वरचना]] सम्बंधी एक [[जैन धर्म|जैन ग्रंथ]] है। इसकी रचना [[सर्वनन्दि]] नामक दिगम्बर जैन मुनि ने मूलतः [[प्रकृत]] में की थी जो अब अप्राप्य है। किन्तु बाद में [[सिंहसूरि]] ने इसका [[संस्कृत]] रूपानतर किया जो उपलब्ध है। इस ग्रंथ में [[शून्य]] और दाशमिक स्थानीय मान पद्धति का उल्लेख है जो विश्व में सर्व प्रथम इसी ग्रंथ में मिलता है।
 
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [http://www.new.dli.gov.in/cgi-bin/metainfo.cgi?&title1=%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97&author1=%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80&subject1=%E0%A4%9C%E0%A5%88%E0%A4%A8%20%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE&year=1962%20&language1=hindi&pages=321&barcode=99999990234855&author2=&identifier1=&publisher1=%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%B7%E0%A5%80,%20%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%20%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6&contributor1=&vendor1=NONE&scanningcentre1=Banasthali%20University&scannerno1=&digitalrepublisher1=Digital%20Library%20Of%20India&digitalpublicationdate1=2009-09-00&numberedpages1=&unnumberedpages1=&rights1=OUT_OF_COPYRIGHT&copyrightowner1=&copyrightexpirydate1=&format1=%20&url=/data3/upload/0089/086 लोकविभाग (हिन्दी अर्थ सहित)] (भारत का आंकिक पुस्तकालय)
 
[[श्रेणी:जैन ग्रंथ]]
74,334

सम्पादन