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[[चित्र:Illu muscle tissues.jpg|right|thumb|300px|तीन प्रकार के पेशी ऊतक]]
शरीर में तीन प्रकार की पेशियाँ पाई जाती है :
: (1) रेखांकित (skeletal) (2) अरेखांकित (smooth) और (3) हार्दिकीहृद् पेशी (cardiac muscles)
 
'''रेखांकित पेशियाँ''' ऐच्छिक, होती हैं (अर्थात्‌ इच्छा होने से संकुचित होनेवाली,) होती हैं और अस्थियों पर लगी रहती हैं। शरीर की गति : चलना फिरना, दौड़ना, पकड़ना, खड़े होना - इन्हीं पेशियों के आकुंचन और प्रसार का फल है।
 
'''अरेखांकित पेशियाँ''' हमारी इच्छा के अधीन नहीं है। वे स्वत: ही आकुचित और प्रसरित होती है। सारी पाचनप्रणाली, ग्रसनिका से लेकर गुदा तक, में इन पेशियों का प्रधान भाग रहता है। आंवगति इन्हीं की क्रिया का फल होती है। प्रत्येक नलिका रक्तवाहिनियों तथा आशयों की भित्तियाँ प्रधानत: इन्हीं पेशियों की बनी होती है।
 
हार्दिकी'''हृद् पेशियों''' की रचना यद्यपि ऐच्छिक पेशी के समान होती है, तथापि वे इच्छा के अधीन नहीं होतीं, स्वत: ही संकोच और प्रसार करती रहती है। वास्तव में यह सिद्ध हो चुका है कि हृदय की पेशी में स्वत: आकुंचन करने की शक्ति होती है, जो नाड़ी नियत्रण से बिलकुल स्वतंत्र है।
 
== रचना ==