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legislature_strength = 156|
region = तुलु नाडु|
nearest_city = [[मैंगलुरु|मंगलौर]]|
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destination_1 = मैसूर|
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=== गोमतेश्वर ===
[[चित्र:Karkala gomateshwara.jpg|150px|thumb|left|भगवान बाहुबली की मूर्ति गोमतेश्वर नाम से प्रसिद्ध है]]
भगवान बाहुबली (जिन्हें [[श्रवणबेलगोला|गोमतेश्वर]] भी कहा जाता है) की विशाल मूर्ति 45 फीट ऊंची है। इसका वजन 80 टन है। यह मूर्ति विजयनगर के शासको के भैरासा सामंतो द्वारा 1432 ई. में स्थापित की गई थी। प्रत्‍येक बारह वर्ष पर [[महामस्तकाभिषेक]] का अनुष्ठान किया जाता है। इस अवसर पर मूर्ति को लेप लगाकर पवित्र किया जाता है। शुद्धता के लिए 1008 कलशों का जल प्रयोग किया जाता है। इस मौके पर बिगुल और ड्रम की धुन बजाई जाती है। इसके बाद मूर्ति को दूध से नहलाया जाता है। उसके बाद नारियल पानी, गन्ने का जूस, तरल हल्दी को चन्दन के साथ मिलाकर एक लेप तैयार कर मूर्ति पर लगाया जाता है। इस शुभ अवसर पर हजारों जैन भिक्षु एकत्रित होते हैं। मूर्ति की सफाई के बाद चारों ओर तेल के दीप जलाए जाते हैं। यह दृश्य हरिद्वार के गंगा तट के किनारे हर की पौड़ी धाट पर शाम में होने वाली आरती की याद ताजा कर देता है।
=== वेनूर ===
दक्षिण कन्नड के मूड़ाबिदरी-बेलथंगड़ी रोड़ पर स्थित यह नगर 38 फीट ऊंची बाहुबली की प्रतिमा के लिए जाना जाता है। गुरपुर नदी के दक्षिणी किनारे पर बने एक ऊंचे चबूतर पर इसे स्थापित किया गया है। इस मूर्ति को जनकाचार्य ने बनाया था। इस नगर में भी आठ बस्ती और महादेव मंदिर है।
 
;वायु मार्ग
कार्कल से 38 किमी की दूरी पर मंगलौर के उत्तर में बाजपे नजदीकी [[मंगलौर अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र|एयरपोर्ट]] है। यहां से बस या टैक्सी के माध्यम से कार्कल पहुंचा जा सकता है।
 
;रेल मार्ग
85,949

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