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[[चित्र:Batterie inférieure - Victory.jpg|right|thumb|300px|एच एम एस विक्ट्री का गन-डेक (Gun Deck)]]
'''नौसैनिक तोपखाना''' (Naval artillery) वह [[तोपखाना]] है जो [[युद्धपोत|युद्धपोतों]] पर लगा होता है। पहले इसका उपयोग केवल [[नौसैनिक युद्ध]] में किया जाता था किन्तु बाद में समुद्रतट पर बमबारी करने के लिए तथा वायुयानों को मार-गिराने के लिए भी किया जाने लगा। नौसैनिक तोपखाने के अन्तर्गत प्रायः नालों से छोड़े गए प्रक्षेपात्रो को सम्मिलित किया जाता है जबकि [[टॉरपीडो]], [[रॉकेट]] और मिसाइल आदि इसके अन्तर्गत नहीं आते। परम्परागत नाविक तोपंदाजी अपने उत्कर्ष पर पहुँच चुकी हैं और अब हम नियंत्रित अस्त्र-शस्त्र (guided missiles) के युग में प्रवेश कर चुके हैं।
 
 
उड़ानकाल में अपने लक्ष्य और हवा के वेग के फायर रेखा के आड़े विचलन और अपवहन (drift) संशोधन की गणना की जाती है। इस चिलन को दर्शा विनयन में जोड़ने पर तोप विनयन प्राप्त होता है। इनके अतिरिक्त निदेशित्र तंत्र के प्रयोग के कारण नति (dip.) स्थापन, झुकाय, अभिसरण (convergence) जैसे अनेक सुधारों की अवश्यकता होती है। इन्हें गणना द्वारा ज्ञात करके तोप उन्नयन और तोप विनयन में मिलाते हैं। गणना में वायुमंडलीय परिस्थिति और आकार के संदर्भ में गोले का प्रत्याशित व्यवहार भी विचारणीय होता है।
[[Image:Animated gun turret.gif|right|thumb|300px|381 mm कैलिबर BL 15 इंच मार्क I ब्रिटिश तोप का कार्य करने का चलचित्र। यह १९१३ से १९५९ तक सेवा में थी।]]
 
तोप के किसी स्थिर मंच पर स्थित न होकर समुद्री लहरों पर तैरते गतिशील जहाज पर स्थित होने के कारण स्थिरीकरण त्रुटियों का प्रवेश हो जाता है। पारेषण केंद्र में इनकी गणना करके इन त्रुटियों को सुधार लिया जाता है।