विश्व में इस्लाम धर्म

विकिमीडिया सूची लेख

इस्लाम; दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक समूह है। 2010 के एक अध्ययन के अनुसार जनवरी 2011 में जारी किया गया था, इस्लाम के पास 1.6 अरब अनुयायी हैं, जो विश्व की आबादी का 23% हिस्सा बनाता हैं। 2015 में एक और अध्ययन के अनुसार इस्लाम में 1.7 बिलियन अनुयायी हैं। अधिकांश मुस्लिम दो संप्रदायों में हैं: सुन्नी (80-90%, करीब 1.5 अरब लोग) या शिया (20-30%, लगभग 340-510 मिलियन लोग)। मध्य पूर्व, उत्तरी अफ्रीका, अफ्रीका का हॉर्न, सहारा, मध्य एशिया और एशिया के कुछ अन्य हिस्सों में इस्लाम प्रमुख धर्म है। मुस्लिमों के बड़े समुदाय भी चीन, बाल्कन, भारत और रूस में पाए जाते हैं। दुनिया के अन्य बड़े हिस्सो में मुस्लिम आप्रवासी समुदायों की मेजबानी करते हैं; पश्चिमी यूरोप में, उदाहरण के लिए, ईसाई धर्म के बाद इस्लाम धर्म दूसरा सबसे बड़ा धर्म है, जहां यह कुल आबादी का 6% या 24 मिलियन लोगों का प्रतिनिधित्व करता है।

मूल्यवर्गसंपादित करें

ऐतिहासिक रूप से, इस्लाम को तीन प्रमुख धार्मिक संप्रदाय में विभाजित किया गया था जिसे अच्छी तरह से सुन्नी, ख्वारज और शिया के रूप में जाना जाता था आधुनिक युग में, सुन्नी कुल मुस्लिम आबादी का 70% से अधिक है, जबकि शिया 25% से अधिक है। मौजूदा समूह में यमन के जयादी शिया शामिल है, जिनकी आबादी विश्व की मुस्लिम आबादी का लगभग 0.5% है पाकिस्तान, यूरोप, उत्तरी अमेरिका, सुदूर में महत्वपूर्ण आबादी हैं, इस्लाम धर्म में सुन्नी और शिया इन दो मुख्य समप्रदायो से अलग अनेक समप्रदायें है। लेकिन सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी इंडोनेशिया में है, जो दुनिया के मुसलमानों के 12.7% घर है, उसके बाद पाकिस्तान ( 11.0% ) और भारत ( 10.9% ) है। लगभग 20% मुस्लिम अरब देशों में रहते हैं। मध्य पूर्व में, तुर्की, पाकिस्तान और ईरान गैर-अरब देशों में सबसे बड़ा मुस्लिम बहुमत वाले देश हैं; अफ्रीका, मिस्र और नाइजीरिया में सबसे अधिक आबादी वाले मुस्लिम समुदाय है।

प्यू रिसर्च सेंटर अनुसारसंपादित करें

 
विश्व मानचित्र में मुस्लिम जनसंख्या प्रतिशत,

वर्ष 2100 तक मुस्लिमों की वैश्विक जनसंख्या ईसाइयो को पिछे कर सर्वाधिक हो जाएगी यही स्थिति भारत में होगी भारत में 2050 तक मुस्लिमों की जनसंख्या सर्वाधिक होने का अनुमान है।[1][2] इसके साथ ही भारत मुस्लिमों की जनसंख्या के मामले में विश्व प्रथम देश बन जाएगा।[3] वर्तमान में मुस्लिमों की सर्वाधिक आबादी बाला देश इंडोनेशिया है। यह रिपोर्ट अमेरिकी संस्था प्यू रिसर्च सेंटर ने अपनी वर्ष 2011 रिपोर्ट में कि थी इसके लिए संस्था ने करीब 39 देशों का सर्वे किया।

मुस्लिम आबादी वृद्धि के कारण

  • मुस्लिम आबादी बढ़ने का मुख्य कारण है बच्चो की अधिक संख्या। वैश्विक स्तर पर एक मुस्लिम महिला के औसतन 3.1 बच्चे है वही अन्य समुदायों में दो से तीन है।
  • मुस्लिम आबादी लगभग सात साल युवा है इससे उनकी जन्म दर बढ़ने का अनुमान हैं।
  • मुस्लिमों का दूसरे देशों में प्रवासन।
  • दूसरा स्थान जनसंख्या के मामले में मुस्लिमों का दूनिया में है।
  • 23 % 2010 में मुस्लिम आबादी का वैश्विक जनसंख्या में हिस्सा।
  • 20 % मुस्लिम जनसंख्या उत्तरी अफ्रिका में है।
  • 62 % मुस्लिम वैश्विक जनसंख्या एशिया-प्रशांत क्षेत्र में है।
  • वर्तमान सर्वाधिक मुस्लिम जनसंख्या वाले देश; इंडोनेशिया, पाकिस्तान, भारत, बांग्लादेश, ईरान और तुर्की

2050 तक मुस्लिम आबादी

  • 2.76 अरब हो जायेगी वैश्विक मुस्लिम जनसंख्या।
  • 30 करोड़ मुस्लिम आबादी भारत में होगी।
  • 10 % युरोप की आबादी का हिस्सा मुस्लिम होंगे।
  • 2.4 % अमेरिका आबादी मुस्लिम होगी।
वैश्विक जनसंख्या में अनुमानित बदलाब (वर्ष 2010-2050),
धर्म प्रतिशत
इस्लाम
  
73%
ईसाई
  
35%
हिन्दू
  
34%
यहूदी
  
16%
जनजातियां
  
11%
अन्य
  
15%
बौध्द
  
-0.3%
35 % वैश्विक जनसंख्या में बढ़ोतरी संभव, आंकड़े प्यू रिसर्च सेंटर 2012[4]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "क्या भारत में कभी मुस्लिम समुदाय की आबादी हिंदुओं से ज्यादा भी हो सकती है?". मूल से 12 जून 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 5 दिसंबर 2017.
  2. "दुनिया में सबसे ज़्यादा हो जाएंगे मुसलमान: रिसर्च". मूल से 20 दिसंबर 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 5 दिसंबर 2017.
  3. "मुस्लिम आबादी सबसे तेज़ रफ़्तार से बढ़ेगी". मूल से 20 दिसंबर 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 5 दिसंबर 2017.
  4. "The Global Religious Landscape". The Pew Forum on Religion & Public Life. Pew Research center. 18 December 2012. मूल से 19 अप्रैल 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 18 March 2013.