वीरणी ब्रह्मपुत्र प्रजापति दक्ष की दूसरी पत्नी थीं। वीरणी ने साठ कन्याओं को जन्म दिया था। इन साठ कन्याओं में से एक कन्या कामदेव को , सताइस कन्याएं चंद्रदेव को , दस कन्याएं यमराज को , सत्रह कन्याएं महर्षि कश्यप को एक पुत्री महर्षि अंगिरा को , दो पुत्रियाँ भूत को और दो पुत्रियाँ कृशाश्वा को प्रदान की गई । वीरणी और दक्ष की ज्येष्ठ पुत्री का नाम अदिति था।

वीरणी की कन्याएंसंपादित करें

वीरणी और दक्ष की साठ कन्याएं जिनके नाम निम्नलिखित हैं और कन्याओं के स्वामियों के नाम निम्नलिखित हैं -:

महर्षि कश्यप की पत्नियां -:

चंद्रदेव की पत्नियां

  • रोहिणी
  • कृतिका
  • मृगशिरा
  • आद्रा
  • पुनर्वसु
  • सुन्निता
  • पुष्य
  • अश्लेशा
  • मेघा
  • स्वाति
  • चित्रा
  • फाल्गुनी
  • हस्ता
  • राधा
  • विशाखा
  • अनुराधा
  • ज्येष्ठा
  • मुला
  • अषाढ़
  • अभिजीत
  • श्रावण
  • सर्विष्ठ
  • सताभिषक
  • प्रोष्ठपदस
  • रेवती
  • अश्वयुज
  • भरणी


यमराज की पत्नियां

  • मरुवती
  • भानु
  • लंबा
  • वसु
  • जामी
  • संकल्प
  • अरुंधति
  • संध्या
  • विश्वा
  • महूर्त

कामदेव की पत्नी

महर्षि अंगिरा की पत्नी

  • स्मृति

भूत की पत्नियां ‌

  • स्वरूपा
  • भूता

कृशाश्व की पत्नियां

  • अर्चि
  • दिवाना