शलाका कोशिकाएँ (rod cells) प्राणियों की आँखों के दृष्टि पटल (रेटिना) में उपस्थित एक प्रकार की प्रकाशग्राही कोशिकाएँ होती हैं। आँखों में एक अन्य प्रकार की प्रकाशग्राही कोशिका भी होती है जिसे शंकु कोशिका (cone cell) कहते हैं। शंकुओं की तुलना में शलाकाएँ कम प्रकाश में देखने में अधिक सक्षम होती हैं और उन्हें परिधीय दृष्टि में प्रयोग करा जाता है। एक औसत मानव आँख में लगभग 9 करोड़ शलाकाएँ होती हैं। रात्रि दृष्टि लगभग पूरी तरह शलाकाओं से ही प्राप्त होती है लेकिन उनकी रंग दृष्टि में बहुत कम क्षमता होती है। यही कारण है कि अंधेरे में रंग फीके लगते हैं और रात में लगभग न के बराबर नज़र आते हैं।[1][2]

दृष्टि पटल (रेटिना) का कटा-चित्रण, जिसमें शलाकाएँ दाई ओर देखी जा सकती हैं

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Kandel E.R., Schwartz, J.H., Jessell, T.M. (2000). Principles of Neural Science, 4th ed., pp. 507–513. McGraw-Hill, New York.
  2. "Photoreception" McGraw-Hill Encyclopedia of Science & Technology, vol. 13, p. 460, 2007