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शलाका सम्मान हिंदी अकादमी को ओर से दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। हिन्दी जगत में सशक्त हस्ताक्षर के रूप में विख्यात तथा हिन्दी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में समर्पित भाव से काम करने वाले मनीषी विद्वानों, हिन्दी के विकास तथा संवर्धन में सतत संलग्न कलम के धनी, मानव मन के चितरों तथा मूर्धन्य साहित्यकारों के प्रति अपने आदर और सम्मान की भावना को व्यक्त करने के लिए हिन्दी अकादमी प्रतिवर्ष एक श्रेष्ठतम साहित्यकार को शलाका सम्मान से सम्मानित करती है। सम्मान स्वरूप, १,११,१११/-रुपये की धनराशि, प्रशस्ति-पत्र एवं प्रतीक चिह्‌न आदि प्रदान किये जाते हैं।[1] अकादमी द्वारा अब तक निम्नलिखित साहित्यकारों को शलाका सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है :-

क्रम वर्ष सम्मानित साहित्यकार का नाम
१९८६-८७ डॉ॰ रामविलास शर्मा
१९८७-८८ श्री विष्णु प्रभाकर
१९८८-८९ श्री गिरिजा कुमार माथुर
१९८९-९० श्री त्रिलोचन शास्त्री
१९९०-९१ प्रो॰ नामवर सिंह
१९९४-९५ प्रो॰ विजयेन्द्र स्नातक
१९९५-९६ डॉ॰ नरेन्द्र कोहली
१९९६-९७ श्री कृष्ण चन्द्र शर्मा 'भिक्खु'
१९९७-९८ श्री निर्मल वर्मा
१० १९९८-९९ श्री गोपाल प्रसाद व्यास
११ १९९९-२००० श्री भीष्म साहनी
१२ २०००-०१ सुश्री कृष्णा सोबती
१३ २००१-०२ श्री रामदरश मिश्र
१४ २००२-०३ श्री कमलेश्वर
१५ २००३-०४ श्री राजेन्द्र यादव
१६ २००४-०५ श्री नेमिचंद जैन
१७ २००५-०६ श्री कुँवर नारायण
१८ २००६-०७ सुश्री मन्नू भंडारी
१९ २००७-०८ श्री प्रभाष जोशी
२० २००८-०९
२१ २०१०-११ श्री अरविन्द कुमार
22 2016-2017 प्रो.मैनेजर पाण्डेय[2]

|23 |2017-18 |जावेद अख्तर

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "सम्मान और पुरस्कार". हिन्दी अकादमी का आधिकारिक जालस्थल. अभिगमन तिथि २१ अक्तूबर २००९. |access-date= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)
  2. "मैनेजर पांडेय को मिलेगा हिन्दी अकादेमी का शलाका सम्मान". livehindustan.com. अभिगमन तिथि 17 जुलाई 2017.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें