खगोलशास्त्र में संक्रमण (transit) के तीन अर्थ होते हैं:[1][2]

  • ऐसी खगोलीय घटना जिसमें किसी प्रेक्षक (देखने वाले) के लिये एक खगोलीय वस्तु किसी दूसरी वस्तु के मुख के सामने से गुज़रे। इसमें पीछे की वस्तु का कुछ या पूर्ण भाग ढका जा सकता है, यानि ग्रहण हो सकता है।
  • पृथ्वी के घूर्णन के कारण आकाश में कोई तारा, चंद्रमा या अन्य वस्तु खगोलीय गोले की मध्याह्न रेखा को पार करे, यानि उदय-से-अस्त के क्रम के बिलकुल बीच में हों।
  • "तारा संक्रमण" (star transit) का अर्थ होता है कि कोई तारा किसी प्रेक्षक की दूरबीन के ठीक बीच से गुज़रे।
बृहस्पति ग्रह के आगे से आयो (उपग्रह) के संक्रमण का चित्रण - इसमें आयो और बृहस्पति पर पड़ने वाली उसकी परछाई दिख रही है
अंतरिक्ष यान से लिया गया सूरज के सामने से चंद्रमा का संक्रमण (पराबैंगनी चित्रण के कारण रंग-बदलाव है)

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Jean Meeus: Transits. Richmond, Virginia: Willmann-Bell, Inc., 1989, ISBN 0-943396-25-5
  2. Jean Meeus: Astronomical Tables of the Sun, Moon and Planets. Richmond, Virginia: Willmann-Bell, Inc., 1995, ISBN 0-943396-45-X