सचिन पायलट

भारतीय राजनीतिज्ञ, जन्म १९७७

लेफ्टिनेंट सचिन पायलट (जन्म 7 सितम्बर 1977) एक भारतीय राजनीतिज्ञ तथा वर्तमान राजस्थान सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे हैं।[2] वे भारत सरकार की पंद्रहवीं लोकसभा के मंत्रिमंडल में संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री में मंत्री रहे है। वर्तमान में वे राजस्थान के टोंक विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।[3] ये चौदहवीं लोकसभा में राजस्थान के दौसा लोकसभा क्षेत्र का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से प्रतिनिधित्व करते हैं। वे 2014 से 14 जुलाई 2020 तक राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे । 14 जुलाई को पिछले कुछ दिनों से चल रही राजनीतिक उठापटक के बाद उन्हें इस पद से हटा दिया गया। [4] उपमुख्यमंत्री के पद से हटाए गए- 14 july 2020

सचिन पायलट
सचिन पायलट


राजस्थान पूर्व उप मुख्यमंत्री
कार्यकाल
17 दिसम्बर 2018 – 14 जुलाई 2020[1]
राज्यपाल कलराज मिश्र
निर्वाचन क्षेत्र टोंक
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

कार्यकाल
28 अक्टूबर 2012 – 17 मई 2014
प्रधान  मंत्री मनमोहन सिंह
पूर्व अधिकारी एम वीरप्पा मोइली
उत्तराधिकारी अरुण जेटली

कार्यकाल
2009 - 2014
पूर्व अधिकारी रासासिंह रावत
उत्तराधिकारी सांवर लाल जाट
निर्वाचन क्षेत्र अजमेर

जन्म 8 सितम्बर 1977 (1977-09-08) (आयु 43)
सहारनपुर, राजस्थान
राजनैतिक पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
जीवन संगी सारा पायलट
आवास गाजियाबाद
विद्या अर्जन दिल्ली विश्वविद्यालय (स्नातक)
पेन्नीस्लेवनिया विश्वविद्यालय (स्नातकोत्तर (प्रबंधन))
पेशा राजनीतिज्ञ
धर्म हिन्दू

प्रारंभिक जीवनसंपादित करें

सचिन पायलट गुर्जर समुदाय से हैं। उनके पिता स्वर्गीय राजेश पायलट थे जो कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में से थे। पायलट की प्रारंभिक शिक्षा नयी दिल्ली के एयर फोर्स बाल भारती स्कूल में हुई। उन्होंने अपने स्नातक की डिग्री दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से हासिल की। इसके बाद पायलट ने अमरीका स्थित पेंसिलवानिया विश्वविद्यालय के व्हॉर्टन स्कूल से एमबीए की डिग्री भी हासिल की। सचिन ने अपनी आरम्भिक शिक्षा दिल्ली की आर्मी स्कूल से पूरी की इसके बाद मैनेजमेंट की पढ़ाई इन्होने अमेरिका के पेन्सिल्वेनिया से की।  ये एक राजनेता होने के साथ साथ युवाओं के लिए आदर्श व मोटिवेशनल वक्ता भी हैं। इन्हें भारतीय राजनीति का नया रूप माना जाता हैं। जो इनके व्यक्तित्व में साफ़ झलकता है।

राजनैतिक जीवनसंपादित करें

भारत लौटने पर सन २००२ में अपने पिता के जन्मदिन १० फरवरी को श्री सचिन कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए। इस अवसर पर एक बडे़ किसान सभा का आयोजन भी किया गया। १३ मई २००४ को पायलट चौदहवीं लोकसभा के लिए दौसा सीट से चुने गये जिसमें उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को १.२ लाख मतों से हराया। २६ साल की उम्र में वे भारतीय सांसद बनने वाले सबसे युवा व्यक्ति थे। पायलट केंद्र सरकार के गृह विभाग के स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य एवं नागरिक उड़्डयन मंत्रालय के सलाहकार समिति के सदस्य भी रह चुके है। दिसंबर 2018 में राजस्थान विधानसभा चुनावों के पश्चात वे राजस्थान के 5 वें उप मुख्यमंत्री भी बने।अशोक गहलोत से मतभेदों को लेकर 14 जुलाई 2020 को उन्हें उप मुख्यमंत्री एवम राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटा दिया गया।

व्यक्तिगत जीवनसंपादित करें

पायलट का विवाह सारा अब्दुल्लाह से सन २००४ में हुआ, जो कश्मीरी नेता फारूक अब्दुल्ला की सुपुत्री हैं।[5]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "सचिन पायलट को राजस्थान के उपमुख्यमंत्री पद से हटाया गया". अभिगमन तिथि 14 जुलाई 2020.
  2. "सचिन पायलट को राजस्थान के उपमुख्यमंत्री पद से हटाया गया". अभिगमन तिथि 14 जुलाई 2020.
  3. "बीजेपी के यूनुस खान को हराकर सचिन पायलट बने टोंक विधायक". मूल से 12 दिसंबर 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 14 जुलाई 2020.
  4. "सचिन पायलट को रराजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से हटाया गया". अभिगमन तिथि 14 जुलाई 2020.
  5. Farooq Abdullah unhappy with daughter's wedding to Pilot's son Archived 12 मई 2008 at the वेबैक मशीन. रीडिफ डॉट कॉम - १५ जनवरी २००४

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

बीबीसी हिंदी डॉट कॉम पर सचिन पायलट का साक्षात्कार - संजीव श्रीवास्तव द्वारा