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बौद्ध स्त्रोतों के अनुसार, सुभद्रांगी मौर्य सम्राट बिन्दुसार की पत्नी तथा चक्रवर्ती सम्राट अशोक की माँ थी। उसे 'धर्मा' तथा 'जनपदकल्याणी' के नाम से भी जाना जाता है।

धर्मा, चम्पा की एक अपूर्व, अद्वितीय एवं अनिंद्य सुन्दरी थी। उसके पिता ने पाटलिपुत्र जाकर उसे सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य के पुत्र युवराज बिन्दुसार को भेंट में दे दिया। षड्यन्त्रपूर्वक उसे अंगमर्दन करने वाली नाऊन बना दिया गया। उसके रूपलावण्य तथा सौभाग्य ने उसे सम्राज्ञी के पद पर पहुंचाया।