सूअर (Pig) या पालतू सूअर (Domestic Pig), जिसका वैज्ञानिक नाम सुस डोमेस्टिकस (Sus domesticus) है, सूइडाए कुल (वराहकुल) की एक जीववैज्ञानिक जाति है। कुछ स्रोतों के अनुसार यह जंगली सूअर की एक उपजाति है, जिसमें मानवों ने पालतूकरण द्वारा कुछ बदलाव कर दिये हैं। यह विश्वभर में पाया जाता है।[1]

सूअर
Pig
सूअर ध्वनि
वैज्ञानिक वर्गीकरण
जगत: जंतु
संघ: रज्जुकी (Chordata)
वर्ग: स्तनधारी (Mammalia)
गण: आर्टियोडैकटिला (Artiodactyla)
उपगण: सुइना (Suina)
कुल: सूइडाए (Suidae)
वंश: सुस (Sus)
जाति: सुस डोमेस्टिकस
S. domesticus
द्विपद नाम
Sus domesticus
अर्क्सलेबेन, 1777

सूअर एक ऐसा जानवर है जो जुगाली/पागुर नही करता है, इसका स्वभाव गंदे जगहमें रहना है।

विवरण संपादित करें

इन खुर वाले प्राणियों की खाल बहुत मोटी होती है और इनके शरीर जो थोड़े बहुत बाल रहते हैं वे बहुत कड़े होते हैं। इनका थूथन आगे की ओऱ चपटा रहता है जिसके भीतर मुलायम हड्डी का एक चक्र सा रहता है जो थूथन को कड़ा बनाए रखता है। इसी थूथन के सहारे ये जमीन खोद डालते हैं और भारी-भारी पत्थरों को आसानी से उलट देते हैं। सुअरों के कुकुरदंत उनकी आत्मरक्षा के हथियार हैं। ये इतने मजबूत और तेज होते हैं कि उनसे ये घोड़ों तक का पेट फाड़ डालते हैं। ऊपर के कुकुरदंत तो बाहर निकलकर ऊपर की ओर घूमे रहते हैं लेकिन नीचे के बड़े और सीधे रहते हैं। जब ये अपने जबड़ों को बंद करते हैं तो ये दोनों आपस में रगड़ खाकर हमेशा तेज और नुकीले बने रहते हैं। सूअरों के खुर चार हिस्सों में बँटे होते हैं जिनमें से आगे के दोनों खुर बड़े और पीछे के छोटे होते हैं। पीछे के दोनों खुर टाँगों के पीछे की ओर लटके भर रहते हैं और उनसे इन्हें चलने में किसी प्रकार की मदद नहीं मिलती। इन जीवों की घ्राणशक्ति बहुत तेज होती है जिनकी सहायता से ये पृथ्वी के भीतर की स्वादिष्ट जड़ों आदि का पता लगा लेते हैं इनका मुख्य भोजन मांसाहार है, ट्टटी और गोबर है लेकिन इनके अलावा ये कीड़े-मकोड़े और छोटे सरीसृपों को भी खा लेते हैं। कुछ पालतू सुअर विष्ठा भी खाते हैं।

प्रकार संपादित करें

पालतू सूअर संसार के प्राय: सभी देशों में फैले हुए हैं और भिन्न-भिन्न देशों में इनकी अलग-अलग प्रकार पाए जाते हैं। यहाँ उनमें से केवल कुछ का संक्षिप्त वर्णन दिया जा रहा है जो बहुत प्रसिद्ध हैं।

  • बर्क शायर (Berkshire)-इस प्रकार के सूअर काले रंग के होते हैं जिनका चेहरा, पैर और दुम का सिरा सफेद रहता है। यह प्रकार इंग्लैंड में बनाई गई है। जहाँ से यह अमरीका में फैली। इनका माँस बहुत स्वादिष्ट होता है।
  • चेस्टर ह्वाइट (Chester white)-इस प्रकार के सूअरों का रंग सफेद होता है और खाल गुलाबी रहती है। यह प्रकार अमरीका के चेस्टर काउन्टी में बनाया गया और केवल अमरीका में ही फैला है।
  • ड्यूराक (Duroc)- यह प्रकार भी अमरीका से ही निकली है। इस प्रकार के सूअर लाल रंग के होते हैं जो काफी भारी और जल्द बढ़ जाने वाले जीव हैं।
  • हैंपशायर (Hampshire)-यह प्रकार इंग्लैंड में निकाली गई है लेकिन अब यह अमरीका में भी काफी फैल गई है। इस प्रकार के सूअर काले होते हैं जिनके शरीर के चारों और एक सफेद पट्टी पड़ी रहती है। यह बहुत जल्द बढ़ते और चरबीले हो जाते हैं।
  • हियरफोर्ड (Hereford)- यह प्रकार भी अमरीका में निकाली गई है। ये लाल रंग के सूअर हैं जिनका सिर, कान, दुम का सिरा और शरीर का निचला हिस्सा सफेद रहता है। ये कद में अन्य सूअरों की अपेक्षा छोटे होते हैं और जल्द ही प्रौढ़ हो जाते हैं।
  • लैंडरेस (Landrace)-इस प्रकार के सूअर डेनमार्क, नार्वे, स्वीडन, जर्मनी और नीदरलैंड में फैले हुए हैं। ये सफेद रंग के सूअर हैं जिनका शरीर लंबा और चिकना रहता है।
  • लार्ज ब्लैक (Large Black)- इस प्रकार के सूअर काले होते हैं जिनके कान बड़े और आँखों के ऊपर तक झुके रहते हैं। यह प्रकार इंग्लैंड में निकाली गई और ये वहीं ज्यादातर दिखाई पड़ते हैं।
  • मैंगालिट्जा (Mangalitza) -यह प्रकार बाल्कन स्टेट में निकाली गई है और इस प्रकार के सूअर हंगरी, रूमानियाँ और यूगोस्लाविया आदि देशों में फैले हुए हैं। ये या तो घुर सफेद होते या इनके शरीर का ऊपरी भाग भूरापन लिए काला और नीचे का सफेद रहता है। इनको प्रौढ़ होने में लगभग दो वर्ष लग जाते हैं और इनकी मादा कम बच्चे जनती है।
  • पोलैंड चाइना (Poland China)-यह प्रकार अमर को ओहायो (Ohio) प्रदेश की बट्लर और वारेन (Butler and Warren) काउंटी में निकाली गई है। ड्यूराक प्रकार की तरह यह सूअर भी अमरीका में काफी संख्या में फैले हुए हैं। ये काले रंग के सूअर हैं जिनकी टाँगें, चेहरा और दुम का सिरा सफेद रहता है। ये भारी कद के सूअर हैं जिनका वजन 12-13 मन तक पहुँच जाता है। इनकी छोटी, मझोली और बड़ी तीन प्रकारयाँ पाई जाती हैं।
  • स्पाटेड पोलैंड चाइना (Spotted Poland China)-यह प्रकार भी अमरीका में निकाली गई है और इस प्रकार के सूअर पोलैंड चाइना के अनुरूप ही होते हैं। अंतर सिर्फ यही रहता है कि इन सूअरों का शरीर सफेद चित्तियों से भरा रहता है।
  • टैम वर्थ (Tam Worth)-यह प्रकार इंग्लैंड में निकाली गई जो शायद इस देश की सबसे पुरानी प्रकार है। इस प्रकार के सूअरों का रंग लाल रहता है। इसका सिर पतला और लंबोतरा, थूथन लंबे और कान खड़े और आगे की ओर झुके रहते हैं। इस प्रकार के सूअर इंग्लैंड के अलावा कैनाडा और यूनाइटेड स्टेट्स में फैले हुए हैं।
  • वैसेक्स सैडल बैक (Wessex Saddle Back)-यह प्रकार भी इंग्लैंड में निकाली गई हैं। इस प्रकार के सूअरों का रंग काला होता है और उनकी पीठ का कुछ भाग और अगली टाँगें सफेद रहती हैं। ये अमरीका के हैंपशायर सूअरों से बहुत कुछ मिलते-जुलते और मझोले कद के होते हैं।
  • यार्कशायर (Yorkshire)-यह प्रसिद्ध प्रकार वैसे तो इंग्लैंड में निकाली गई है लेकिन इस प्रकार के सूअर सारे यूरोप, कैनाडा और यूनाइटेड स्टेट्स में फैल गए हैं। ये सफेद रंग के बहुत प्रसिद्ध सूअर हैं जिनकी मादा काफी बच्चे जनती है। इनका मांस बहुत स्वादिष्ट होता है।

इन्हें भी देखें संपादित करें

बाहरी कड़ियाँ संपादित करें

सन्दर्भ संपादित करें

  1. Seward, Liz (4 सितंबर 2007). "Pig DNA reveals farming history". BBC News. मूल से 1 फ़रवरी 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2008-06-18.