स्कन्दस्वामी ऋग्वेद के प्रमुख भाष्यकारों में एक थे। ये सायणाचार्य के पूर्ववर्ती थे। इनका निवास गुजरात के वलभी में था। आचार्य सायण ने अपने भाष्य में इनकी व्याख्या का उपयोग किया है।[1]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. वैदिक साहित्य और संस्कृति, आचार्य बलदेव उपाध्याय, शारदा संस्थान, वाराणसी, संस्करण-2006, पृष्ठ-46.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें