हमजोली

1970 की टी॰ आर॰ रमन्ना की फ़िल्म

हमजोली 1970 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। इसमें जितेन्द्र और लीना चन्दावरकर प्रमुख भूमिकाओं में हैं और संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल द्वारा रचित है। महमूद ने इस फिल्म में तीन चरित्र निभाये।[1]

हमजोली
हमजोली.jpg
हमजोली का पोस्टर
निर्देशक टी॰ आर॰ रमन्ना
लेखक मुखराम शर्मा
अभिनेता जितेन्द्र,
लीना चन्दावरकर,
प्राण
संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
प्रदर्शन तिथि(याँ) 1970
देश भारत
भाषा हिन्दी

संक्षेपसंपादित करें

गाँव वाला गोपालनाथ (प्राण) हमेशा अमीर बनने का सपना देखते था। बंबई शहर की यात्रा पर, उसके सपने तब पूरे होते हैं जब वह एक धनी व्यक्ति की एकमात्र उत्तराधिकारी, रूपा से शादी करने के लिए सहमत हो जाता है। रूपा को पता नहीं है कि गोपालनाथ साथी-ग्रामीण, श्यामा (शशिकला) से प्यार करता है।

रूपा के पिता के निधन के बाद, रूपा एक बच्ची, रानीबाला को जन्म देती है। गोपालनाथ रूपा को मार डालने की व्यवस्था करता है। फिर वह श्यामा से शादी करता है और रानीबाला को एक छात्रावास में रहने देता है। सालों बाद श्यामा के रिश्तेदार और रानीबाला का विवाह-प्रस्तावक, मनमोहन (मनमोहन) गोपालनाथ के जीवन में आ जाते हैं। वह उसे ब्लैकमेल करने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं।

मुख्य कलाकारसंपादित करें

संगीतसंपादित करें

सभी गीत आनंद बख्शी द्वारा लिखित; सारा संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल द्वारा रचित।

क्र॰शीर्षकगायकअवधि
1."हाय रे हाय नींद नहीं आये"मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर4:40
2."ढल गया दिन हो गई शाम"आशा भोंसले, मोहम्मद रफ़ी4:55
3."चल शुरू हो जा चला मुक्का"किशोर कुमार, मोहम्मद रफ़ी6:45
4."गाँव की मैं गोरी चंदा की चकोरी"आशा भोंसले, कमल बैरोट6:20
5."ये कैसा आया जमाना"महमूद, मुकेश, किशोर कुमार5:55
6."टिक टिक टिक मेरा दिल"लता मंगेशकर, मोहम्मद रफ़ी5:25

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "मोटिवेशनल स्टोरी : आसान नहीं थी महमूद की राह, लोगों के ताने सुन बने कॉमेडी किंग". पत्रिका. मूल से 9 अक्तूबर 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 4 जनवरी 2020.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें