आदर्श गैस समीकरण, आदर्श गैस के आयतन, दाब एवं ताप के अन्तर्सम्बन्धों को व्यक्त करने वाला समीकरण है। इसे सर्वप्रथम सन १८३४ में बेन्वायट पॉल एमाइल क्लैपिरोन (Benoît Paul Émile Clapeyron) ने प्रकाशित किया था।

किसी गैस का समतापी प्रक्रम : अलग-अलग नियत तापों पर गैस के आयतन और दाब के बीच सम्बन्ध

आदर्श गैस का समीकरण निम्नवत है:

जहाँ

गैस का (निरपेक्ष) दाब है
गैस का आयतन है
गैस के मोलों की संख्या है
सार्वत्रिक गैस नियतांक (universal gas constant) है,
परम ताप (absolute temperature) है।

सार्वत्रिक गैस नियतांक, R, का मान मापन की विभिन्न इकाइयों में नीचे दिया गया है।

R  8.315472 J·mol−1·K−1
8.314472 m3·Pa·K−1·mol−1
8.314472 kPa·L·mol−1·K−1
0.08205784  L·atm·K−1·mol−1
62.3637 mmHg·K−1·mol−1
10.7316 ft3·psi·°R−1·lb-mol−1
53.34 ft·lbf·°R−1·lbm−1 (for air)

ऊष्मागतिकीय प्रक्रमों में आदर्श गैस समीकरण के उपयोगसंपादित करें

नीचे दी गयी सारणी में भिन्न-भिन्न प्रक्रमों के लिये आदर्श गैस समीकरण के परिवर्तित रूप दिये गये हैं। इससे संख्यात्मक विधियों का प्रयोग करके इस समीकरण को हल करना और उससे उपयोगी सूचना प्राप्त करना अधिक सरल हो जाता है।

प्रक्रिया क्या नियत रहता है ज्ञात अनुपात या डेल्टा p2 V2 T2
समदाब प्रक्रम दाब
V2/V1
p2 = p1 V2 = V1(V2/V1) T2 = T1(V2/V1)
T2/T1
p2 = p1 V2 = V1(T2/T1) T2 = T1(T2/T1)
समाअयतनी प्रक्रम आयतन
p2/p1
p2 = p1(p2/p1) V2 = V1 T2 = T1(p2/p1)
T2/T1
p2 = p1(T2/T1) V2 = V1 T2 = T1(T2/T1)
समतापी प्रक्रम  तापमान 
p2/p1
p2 = p1(p2/p1) V2 = V1/(p2/p1) T2 = T1
V2/V1
p2 = p1/(V2/V1) V2 = V1(V2/V1) T2 = T1
Isentropic process
(Reversible adiabatic process)
p2/p1
p2 = p1(p2/p1) V2 = V1(p2/p1)(−1/γ) T2 = T1(p2/p1)(γ − 1)/γ
V2/V1
p2 = p1(V2/V1)−γ V2 = V1(V2/V1) T2 = T1(V2/V1)(1 − γ)
T2/T1
p2 = p1(T2/T1)γ/(γ − 1) V2 = V1(T2/T1)1/(1 − γ) T2 = T1(T2/T1)
Polytropic process P Vn
p2/p1
p2 = p1(p2/p1) V2 = V1(p2/p1)(−1/n) T2 = T1(p2/p1)(n − 1)/n
V2/V1
p2 = p1(V2/V1)n V2 = V1(V2/V1) T2 = T1(V2/V1)(1 − n)
T2/T1
p2 = p1(T2/T1)n/(n − 1) V2 = V1(T2/T1)1/(1 − n) T2 = T1(T2/T1)
Isenthalpic process
(Irreversible adiabatic process)
p2 − p1
p2 = p1 + (p2 − p1) T2 = T1 + μJT(p2 − p1)
T2 − T1
p2 = p1 + (T2 − T1)/μJT T2 = T1 + (T2 − T1)

^ a. In an isentropic process, system entropy (S) is constant. Under these conditions, p1V1γ = p2V2γ, where γ is defined as the heat capacity ratio, which is constant for a calorifically perfect gas. The value used for γ is typically 1.4 for diatomic gases like nitrogen (N2) and oxygen (O2), (and air, which is 99% diatomic). Also γ is typically 1.6 for mono atomic gases like the noble gases helium (He), and argon (Ar). In internal combustion engines γ varies between 1.35 and 1.15, depending on constitution gases and temperature.

^ b. In an isenthalpic process, system enthalpy (H) is constant. In the case of free expansion for an ideal gas, there are no molecular interactions, and the temperature remains constant. For real gasses, the molecules do interact via attraction or repulsion depending on temperature and pressure, and heating or cooling does occur. This is known as the Joule–Thomson effect. For reference, the Joule–Thomson coefficient μJT for air at room temperature and sea level is 0.22 °C/bar.[1]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. J. R. Roebuck (1926). "The Joule-Thomson Effect in Air". Proceedings of the National Academy of Sciences of the United States of America. 12 (1): 55–58. PMC 1084398. PMID 16576959. डीओआइ:10.1073/pnas.12.1.55. बिबकोड:1926PNAS...12...55R.

इन्हें भी देखेंसंपादित करें