के॰ उमा रामा राव (तेलुगु: శ్రీమతి డాక్టర్ ఉమా రామా రావు जन्म- उमा माहेश्वरी 4 जुलाई 1938 - 27 अगस्त 2016) भारतीय कुचिपुड़ी नृत्यांगना, कोरियोग्राफर, अनुसंधान विद्वान, लेखक और नृत्य शिक्षक थीं।[1] वह 1985 में हैदराबाद, भारत में स्थापित लस्या प्रिया नृत्य अकादमी की संस्थापक और निदेशक भी थीं।

के॰ उमा रामा राव
A portrait of Shri K.Uma Rama Rao who will be presented with the Sangeet Natak Akademi Award for Kuchipudi Dance by the President Dr. A.P.J Abdul Kalam in New Delhi on October 26, 2004.jpg
in 2004
जन्म उमा माहेश्वरी
04 जुलाई 1938
विशाखापट्ट्नम, भारत

2003 में, उन्हें संगीत नाटक अकादमी द्वारा कुचिपुड़ी में दक्षता के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।[2]

प्रारंभिक वर्षसंपादित करें

उनका जन्म 4 जुलाई 1938 को डॉ॰ वी॰ वी॰ कृष्ण राव और सोभ्यागम के यहाँ "उमा माहेश्वरी" के रूप में हुआ था। अपने शुरुआती वर्षों में, अपनी बहन सुमति कैथल के साथ, उन्होंने अपने गुरुओं के व्यक्तिगत मार्गदर्शन में कई स्थानों पर विभिन्न अवसरों पर प्रदर्शन किया। 1953 और 55 की अवधि के दौरान, उन्होंने तत्कालीन मद्रास सरकार द्वारा संचालित शास्त्रीय संगीत और नृत्य की परीक्षाएँ पास कीं।

करियरसंपादित करें

उमा ने कई एकल प्रदर्शन, नृत्य नाटकों और पारंपरिक यक्षगान की कोरियोग्राफी की है। इस पृष्ठभूमि के साथ, उन्होंने 1969 से 1988 तक नृत्य में सीनियर लेक्चरर के रूप में हैदराबाद के श्री त्यागराज गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ म्यूज़िक में सेवा की और भरतनाट्यम में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री कोर्स में छात्रों को प्रशिक्षित किया।

उन्होंने 1985 में हैदराबाद, आंध्र प्रदेश में एक नृत्य संस्था लस्या प्रिया की स्थापना की, जो कुचिपुड़ी और भरतनाट्यम शास्त्रीय नृत्य परंपराओं में सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं में प्रशिक्षण प्रदान करती है। यह संस्था उन्हें राज्य सरकार और विश्वविद्यालय परीक्षाओं के विभिन्न स्तरों के लिए तैयार करती है। लस्या प्रिया इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय का एक संबद्ध अध्ययन केंद्र है। उन्होंने 'यक्षगान' पर तेलुगु विश्वविद्यालय में अपनी थीसिस जमा की और 1994 में स्वर्ण पदक के साथ पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।

पुरस्कारसंपादित करें

  • आंध्र प्रदेश सरकार से कला नीरजनम।
  • आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का पुरस्कार।
  • पोट्टी श्रीरामुलु तेलुगु विश्वविद्यालय, हैदराबाद से प्रतिभा पुरस्कार।
  • भारत के राष्ट्रपति के हाथों से, २६ अक्टूबर २००४ को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "Alekhya Punjala:The Rudrama of dance". द हिन्दू (अंग्रेज़ी में). 10 जनवरी 2020. मूल से 4 मार्च 2020 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 30 मार्च 2020.
  2. "SNA: List of Akademi Awardees". Sangeet Natak Akademi Official website. मूल से 17 फ़रवरी 2012 को पुरालेखित.