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कामेट पर्वत (तिब्बती:कांग्मेद), भारत के गढ़वाल क्षेत्र में नंदा देवी पर्वत के बाद सबसे ऊंचा पर्वत शिखर है। तह ७,७५६-मीटर (२५,४४६ फुट) ऊंचा है।[2] यह उत्तराखंड राज्य के चमोली जिला में तिब्बत की सीमा के निकट स्थित है। यह भारत में तीसरा शबसे ऊंचा शिखर है (हालांकि भारत के अनुसार इसका स्थान बहुत बाद में आता है, जो कि पाक अधिकृत कश्मीर में स्थित हिमालय की बहुत सी चोटियों के बाद आता है)। विश्व में इसका २९वां स्थान है।[3] कामेट शिखर को ज़ांस्कर शृंखला का भाग और इसका सबसे ऊंचा शिखर माना जाता है। यह हिमालय की मुख्य शृंखला के उत्तर में सुरु नदी एवं ऊपरी करनाली नदी के बीच स्थित है। देखने में यह एक विशाल पिरामिड जैसा दिखाई देता है, जिसके चपटे शिखर पर दो चोटियां हैं।

कामेत
Kamet.jpg
कामेत और अन्य श्रेणियां 1908, ब्रिटिश पर्वतारोही Charles Granville Bruce द्वारा।
उच्चतम बिंदु
ऊँचाई7,756 मी॰ (25,446 फीट) [1]
Ranked 29th
उदग्रता2,825 मी॰ (9,268 फीट) [1]
Ranked 121st
एकाकी अवस्थिति70 किलोमीटर (230,000 फीट)
सूचीयनअल्ट्रा
निर्देशांक30°55′12″N 79°35′30″E / 30.92000°N 79.59167°E / 30.92000; 79.59167निर्देशांक: 30°55′12″N 79°35′30″E / 30.92000°N 79.59167°E / 30.92000; 79.59167[1]
भूगोल
कामेत की उत्तराखण्ड के मानचित्र पर अवस्थिति
कामेत
कामेत
उत्तर भारत में अवस्थिति
अवस्थितिउत्तराखंड, भारत
मातृ श्रेणीगढ़वाल हिमालय
आरोहण
प्रथम आरोहण21 जून 1931 द्वारा Frank Smythe, Eric Shipton, R.L. Holdsworth एवं Lewa Sherpa
सरलतम मार्गglacier/snow/ice climb

कामेट शिखर का नाम अंग्रेजी भाषा का नहीं, बल्कि तिब्बती भाषा के शब्द ‘कांग्मेद’ शब्द के आधार पर रखा गया है। इसीलिये इसे कामेट भी कहा जाटा है। तिब्बती लोग इसे कांग्मेद पहाड़ कहते हैं।[3] कामेट पर्वत तीन प्रमुख हिमशिखरों से घिरा है। इनके नाम अबी गामिन, माना पर्वत तथा मुकुट पर्वत हैं। कामेट शिखर के पूर्व में स्थित विशाल ग्लेशियर को पूर्वी कामेट ग्लेशियर कहते हैं और पश्चिम में पश्चिमी कामेट ग्लेशियर है।

अनुक्रम

पड़ोसी शिखरसंपादित करें

कामेट को तीन प्रधान पड़ोसी घेरे हुए हैं:

इन तीनों के अलावा कई अन्य साथी शिखर जैसे माना NW, ७०९२ मी. पॉइंट ६९७७ मी, देवबन, ६८५५ मी. एवं बिधान पर्वत, ६५१९ मी. भी कामेट के निकटवर्ती हैं।[4]

हिमनद व नदियांसंपादित करें

 
 
कामेट
 
नंदा देवी
कामेट एवं नंदा देवी, उत्तरी भारत में स्थित

कामेट पर्वत के पश्चिम में पश्चिमी (पछिमी) कामेट हिमनद और पूर्व में पूर्वी (पुर्वी या पुर्वा) कामेट और रायकाना हिमनद हैं। पश्चिमी कामेट हिमनद की शाखाएं कामेट, अबी गामिन और मुकुट पर्बत के पश्चिमी तराई क्षेत्र तक जाते हैं। पूर्वी कामेट हिमनद कामेट और माना के पूर्वी ओर से आगे तक फैला हुआ है। रायखाना हिमनद मीड कोल सैडल के पूर्वी ओर से आरंभ होकर अबी गामिन के पूर्व में पूर्वी कामेट हिमनद से मिल जाता है। पश्चिमी हिमनद सरस्वती नदी का स्रोत है और पूर्वी हिमनद धौलीगंगा नदी का स्रोत है। ये दोनों ही नदियां चमोली जिला की प्रधान नदी, अलकनंदा नदी की सहायक नदियां हैं।

पर्वतारोहणसंपादित करें

पर्वतारोही कामेट पर्वत के निकटवर्ती पूर्वी तथा पश्चिमी कामेट ग्लेशियरों से होकर ही शिखर की ओर चढ़ते हैं। इस मार्ग में कई जगह ऐसे पहाड़ हैं, जैसे बहुत ऊंची चट्टानी दीवार हो, जबकि कई जगह बहुत संकरा और काफी तिरछा मार्ग है। वहां बर्फ पर बहुत फिसलन होती है, लेकिन रस्सियों की सहायता से पर्वतारोही आगे बढ़ते हैं। इस पीक पर चढ़ने के प्रयास १८५५ में आरम्भ हुए थे, किन्तु १९३१ में पहली बार इस शिखर पर एक ब्रिटिश टीम ने सफलता प्राप्त की थी। उस अभियान का नेतृत्व फ्रेंक स्मिथ ने किया था।[3] टीम में शिखर तक पहुंचने वाले अन्य लोग एरिक शिप्टन, होल्सवर्थ और लेवा शेरपा थे। कामेट शिखर पर दूसरी विजय दार्जिलिंग में स्थित हिमालय पर्वतारोहण संस्थान के अभियान को मिली थी। यह अभियान मेजर नरेन्द्र जुयाल के नेतृत्व में १९५५ में सफल हुआ था। दार्जिलिंग का हिमालय पर्वतारोहण संस्थान पर्वतारोहण का प्रशिक्षण केन्द्र है। पर्वतारोही पहले ऐसे संस्थान से बेसिक और एडवांस कोर्स करते हैं। २००९ जुलाई माह में हरियाणा के माउंटेनियरिंग एवं एलाइड स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अभियान के सदस्यों ने कामेट शिखर पर विजय की।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "High Asia I: The Karakoram, indian Himalaya and India Himalaya (north of india)". Peaklist.org. अभिगमन तिथि 2014-05-28.
  2. संसार की उच्चतम पर्वत चोटियाँ
  3. देश की तीसरी सबसे ऊंची चोटी: ‘कामेट पीक’। हिन्दुस्तान लाइव। १३ जनवरी २०१०। अविनाश
  4. जॉयदीप सरकार। हिमालयन हैण्डबुक। कोलकाता। १९७९

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें