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खतरों के खिलाड़ी (1988 फ़िल्म)

1988 की टी. रामा राव की फ़िल्म

खतरों के खिलाड़ी 1988 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। इसकी मुख्य भूमिकाओं में धर्मेन्द्र, संजय दत्त और माधुरी दीक्षित हैं।

खतरों के खिलाड़ी
खतरों के खिलाड़ी.jpg
खतरों के खिलाड़ी का पोस्टर
निर्देशक रामा राव तातिनेनी
निर्माता वी. बी. राजेन्द्र प्रसाद
लेखक एम. डी. सुन्दर
फैज़ सलीम
अभिनेता धर्मेन्द्र,
संजय दत्त,
चंकी पांडे,
माधुरी दीक्षित,
नीलम
संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
प्रदर्शन तिथि(याँ) 27 मई, 1988
देश भारत
भाषा हिन्दी

संक्षेपसंपादित करें

बलवंत (धर्मेन्द्र) एक ईमानदार ट्रक चालक है जो अपने छोटे भाई जसवंत और गर्भवती पत्नी सुमति के साथ रहता है। एक दिन वह जसवंत से उसके लिए ट्रक चलाने के लिए कहता है। जसवंत को पता चला कि ट्रक तस्करी और अवैध सामान दे रहा है और इसे चलाने से इंकार कर देता है। इसके लिए, ट्रकिंग कंपनी के मालिकों और अन्य ने उसे पीट दिया, अंततः वो मर गया। बलवंत अपने भाई के हमलावरों को देखने के लिए सही समय पर आता है और उन्हें पकड़वाने की कसम खाता है। हालांकि, वह स्वयं अपने भाई के हत्या के लिए इंस्पेक्टर अमरनाथ (शरत सक्सेना) द्वारा गिरफ्तार किया जाता है। बाद में ट्रकिंग कंपनी के मालिकों द्वारा उसका घर जला दिया गया है; उसकी पत्नी आग में मर गई। बलवंत जेल से बच निकला और ट्रक कंपनी के मालिकों को जान से मार के अपने भाई की मौत का बदला ले लिया। बलवंत भ्रष्ट पुलिस, वकीलों और समान रूप से भ्रष्ट न्यायिक व्यवस्था के नियमों से ग्रस्त निर्दोषों का बदला लेता है। इस खातिर वो न्यायाधीश और निष्पादक के रूप में खुद को कर्मवीर कहता है और "तीसरी अदालात" चलाता है। उसके सभी आदेश मृत्यु होते। सालों बाद, बलवंत की पत्नी अभी भी जिंदा है लेकिन आघात ने उसे बेजुबान छोड़ दिया है। उसने जुड़वाँ, महेश और राजेश को जन्म दिया था। महेश बचपन में उससे अलग हो गया था। महेश को इंस्पेक्टर राम अवतार द्वारा अपनाया जाता है। राजेश और कविता प्रेमी है जबकि महेश सुनीता को रिझाता है। कुछ गलतफहमी के बाद राजेश और महेश का फैसला है कि वे किसी भी कीमत पर तीसरी अदालत को सजा दिलाएंगे।

मुख्य कलाकारसंपादित करें

संगीतसंपादित करें

सभी गीत आनंद बख्शी द्वारा लिखित; सारा संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल द्वारा रचित।

क्र॰शीर्षकगायकअवधि
1."तुमसे बना मेरा जीवन"मुहम्मद अज़ीज़, अनुराधा पौडवाल4:15
2."हम दोनों में कुछ ना कुछ"किशोर कुमार, अलका याज्ञनिक5:10
3."कोई शायर कोई पागल कोई"मुहम्मद अज़ीज़5:25
4."तेरी मेरी प्यार भरी बातों में"मुहम्मद अज़ीज़, अनुराधा पौडवाल5:54
5."प्रेमियों के दिल पंछी बनके"अमित कुमार, कविता कृष्णमूर्ति, मुहम्मद अज़ीज़, अनुराधा पौडवाल5:23

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें