गंगापुर, सवाई माधोपुर

गंगापुर दो शताब्दी से अधिक कालखंड का साक्षी है छाण वाले बाबा राम स्वरूप मीना के अनुसार पूर्व मे इपहले जयपुर रियासत के उदेई परगना में कुशालगढ़ स्थित था। बताते हैं कि तत्कालीन शासक माधोसिंह ने हल्दिया बंधु कुशालीराम को इसे जागीर में दिया
(गंगापुर सिटी से अनुप्रेषित)

गंगापुर (Gangapur), जिसे गंगापुर सिटी (Gangapur City) भी कहा जाता है, भारत के राजस्थान राज्य के सवाई माधोपुर ज़िले में स्थित एक नगर व तहसील है। यह दिल्‍ली-मुंबई रेलमार्ग पर स्थित है। यहां राजस्‍थान की बडी अनाज मंडी है। शिक्षा का अच्‍छा माहौल है। यह एक स्‍वतंत्र विधानसभा क्षेत्र है तथा सवाई माधोपुर-टोंक लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। जनसंख्या के मामले में, यह राजस्थान में 18वा सबसे बड़ा शहर है इतिहास के जानकार बसुन्धरा कालौनी निवासी रामस्वरूप मीना पटेल जिन्हे बाबा के नाम से जानते है का कहना है कि करीब 300 वर्ष पूर्व गंगामंदिर के नाम से इसका नाम गंगापुर पड़ गया। शहर में गंगाजी मंदिर सहित कई बालाजी चौक मंदिर, गोपीनाथजी मंदिर, गोपालजी मंदिर, बद्री नाथ जी मंदिर, दाऊजी मंदिर, बाराह अवतार मंदिर आदि प्राचीन मंदिर श्रद्धा के केन्द्र हैं। यहा कल्याण जी का मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है जिस पर प्रतिवर्ष मेला लगता है शहर के नजदीक दर्शनीय, प्राकृतिक स्थल धूंधेश्वर है।1

गंगापुर, सवाई माधोपुर
Gangapur City
गंगापुर, सवाई माधोपुर की राजस्थान के मानचित्र पर अवस्थिति
गंगापुर, सवाई माधोपुर
राजस्थान में अवस्थिति
निर्देशांक: 26°28′18″N 76°42′57″E / 26.47171°N 76.71594°E / 26.47171; 76.71594निर्देशांक: 26°28′18″N 76°42′57″E / 26.47171°N 76.71594°E / 26.47171; 76.71594
देशFlag of India.svg भारत
राज्यराजस्थान
ज़िलासवाई माधोपुर ज़िला
संस्थापकराजा कुशलीराम हल्दिया
नाम स्रोतस्थानीय गंगा जी का मंदिर
शासन
 • प्रणालीराजस्थान सरकार
 • सभानगर परिषद
क्षेत्रफल
 • City9.55 किमी2 (3.69 वर्गमील)
जनसंख्या (2011)
 • City4
 • घनत्व46,000 किमी2 (1,20,000 वर्गमील)
 • महानगर119
भाषाएँ
 • आधिकारिकहिन्दी
समय मण्डलआई ऍस टी (यूटीसी+5:30)
पिनकोड322201, 322202
दूरभाष कोड07463
वाहन पंजीकरणRJ25
लिंगानुपात892 per 1000 /
वेबसाइटhttp://www.gangapur.city/
यहां लोको डीजल सैड और भी रेलवे के कई बड़े कार्यालय थे जो वर्तमान में यहां से हटा लिए गए हैं या सभी समुदाय के लोग निवास करते हैं जिनमें  ब्राह्मण बनिया मीणा मुसलमान गुर्जर जाट बैरवा माली आदि प्रमुख है 

बाबा राम स्वरूप मीना के अनुसार पहले जयपुर रियासत के उदेई परगना में कुशालगढ़ स्थित था। बताते हैं कि तत्कालीन शासक माधोसिंह ने हल्दिया बंधु कुशालीराम को इसे जागीर में दिया जिनके नाम पर नाम कुशालगढ़ रखा गया। हल्दिया परिवार ने विशाल गढ़ बनवाया और चारों ओर खाई बनवाई जिसे नहर के नाम से जानते हैं। गंगा मंदिर का भी निर्माण कराया। इतिहास के जानकार मीना बाबा राम स्वरूप का कहना है कि करीब 100 वर्ष से गंगामंदिर के नाम से इसका नाम गंगापुर पड़ गया। अनाज मंडी में हर वर्ष होने वाला करोड़ों रुपए के जिंस कारोबार से भी शहर की पहचान है। मंडी में प्रमुख रूप से गेहूं, बाजारा, सरसों, तिल, ग्वार व चना की आवक होती है। बढ़ते कारोबार के कारण गत वर्ष मंडी को विशिष्ट श्रेणी का दर्जा भी हासिल हुआ। आढ़त कारोबारी केदार पीतलिया ने बताया कि यहां की मंडी से उपज का भरतपुर, अलवर, बंगाल तक बेचान होता है। शहर में पहले काफी संख्या में तेल मिल हुआ करती थी हालांकि इनकी संख्या धीरे-धीरे घट गई है।

यहा की खीर मोहन मिठाई बहुत प्रसिद्ध है टिर्की और स्पेशल भी प्रसिद्ध है ।[1][2]

=बिनेगा छाण का घोड़ा गंगापुर से नौ किलोमीटर हिण्डौन रोड़ पर घोड़े का स्मारक है

इन्हें भी देखें =संपादित करें

KHARERA

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "Lonely Planet Rajasthan, Delhi & Agra," Michael Benanav, Abigail Blasi, Lindsay Brown, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012332
  2. "Berlitz Pocket Guide Rajasthan," Insight Guides, Apa Publications (UK) Limited, 2019, ISBN 9781785731990