चैत्र नवरात्रि हिन्दु धर्म में नवरात्रि का बहुत महत्व है। चैत्र नवरात्रि चैत्र (मार्च अप्रेल के महीने) में मनाई जाती है, इसे चैत्र नवरात्रि कहा जाता है।[1] नवरात्रि में दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यता यह है कि जो व्यक्ति मां दुर्गा की पूजा आराधना सच्ची श्रद्धा और निष्ठा से करता है उसे मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है, हालाँकि इसका वर्णन हमारे शास्त्रों में कहीं नही है।

महत्वसंपादित करें

प्रथम नवरात्रि गर्मियो की शुरूआत में चैत्र मास यानी अप्रैल में आती है और दूसरी नवरात्रि सर्दियों की शुरुआत में यानी अक्टूबर में मनाई जाती है।[2] इस दौरान फसल पकने का समय होता है, वर्षा होने के साथ मौसम में बदलाव होता है। इसलिए शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाये रखने के लिए नवरात्रि पर शक्ति की पूजा की जाती है और उपवास रखे जाते हैं। हालाँकि उपवास का भी वर्णन हमारे शास्त्रों में कहीं नही मिलता।[3]

संदर्भसंपादित करें

  1. "चैत्र नवरात्रि क्या है?". जागरण. मूल से 28 मार्च 2020 को पुरालेखित.
  2. न्यूज, एबीपी (2021-04-13). "चैत्र नवरात्रि 2021: जानिए हर साल क्यों मनाई जाती है चैत्र नवरात्रि, इस त्योहार के महत्व के बारे में यहां पढ़ें". www.abplive.com. अभिगमन तिथि 2021-04-18.
  3. "चैत्र नवरात्रि 2021 (Chaitra Navratri): क्या माँ दुर्गा की भक्ति से मोक्ष संभव है?". S A NEWS (अंग्रेज़ी में). 2021-04-18. अभिगमन तिथि 2021-04-18.