तिग्मांशु धूलिया (जन्मः ३ जुलाई १९६७) भारतीय हिन्दी फिल्म उद्योग बॉलीवुड के एक प्रसिद्ध निर्माता, निर्देशक और अभिनेता हैं। उन्होने अपना कैरियर शेखर कपूर निर्देशित फिल्म बैंडिट क्वीन से बतौर अतिथि निर्देशक शुरू किया।

तिग्मांशु धूलिया

पान सिंह तोमर (2012) के डीवीडी लॉन्च पर धूलिया
जन्म इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश, भारत
पेशा निर्माता,
निर्देशक,
अभिनेता

प्रारम्भिक जीवन संपादित करें

तिग्मांशु का जन्म उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में ३ जुलाई १९६७ को हुआ था। उनका परिवार मूल रूप से उत्तराखंड के पौङी जिले के मदनपुर गाँव से है।[1] उनके पिता स्व. केशव चन्द्र धूलिया हाईकोर्ट के जज थे और माता श्रीमती सुमित्रा धूलिया संस्कृत की प्रोफ़ेसर थीं।[2] तिग्मांशु ने अपनी प्रारम्भिक पढाई सेंट जोसेफ स्कूल और एंग्लो बंगाली इण्टरमिडियेट कालेज से की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उन्होने अंग्रेजी, अर्थशास्त्र और आधुनिक इतिहास में स्नातक की पढाई पूरी की। इसके बाद उन्होने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से रंगमंच में परास्नातक किया।

फिल्मी कैरियर संपादित करें

तिग्मांशु ने १९९० में बैंडिट क्वीन में बतौर कास्टिंग निर्देशक अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की। उन्होने इस फिल्म में संवाद भी लिखे। इन्होने मणिरत्नम निर्देशित फिल्म दिल से की पटकथा भी लिखी।[3] वर्ष २००० में आयी आसिफ कपाङिया निर्देशित फिल्म द वारियर में भी उन्होने कास्टिंग का काम किया। उन्होने स्टिफ अपर लिप्स और बाम्बे ब्ल्यूज में भी कास्टिंग की।[4]

निर्देशक संपादित करें

निर्देशक के रूप में तिग्मांशु ने अपना कैरियर वर्ष २००३ की फिल्म हासिल के साथ शुरु किया। इस फिल्म के लिये इरफ़ान खान को फिल्मफेयर का नकारात्मक भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कर मिला। २००४ में उन्होने इरफ़ान खान, जिमी शेरगिल और उदय चोपड़ा को लेकर चरसः ए ज्वाइण्ट ऑपरेशन निर्देशित की। २०११ में तिग्मांशु निर्देशित दो फिल्मे प्रदर्शित हुईः शागिर्द और साहब बीबी और गैंगस्टर। वर्ष २०१२ में धूलिया निर्देशित फिल्म पान सिंह तोमर प्रदर्शित हुई। यह फिल्म चंबल के बाग़ी बने पान सिंह तोमर, जो बाधा दौड़ में ७ बार का राष्ट्रीय रिकार्डधारी था, के जीवन पर आधारित थी। बैंडिट क्वीन करते समय ही तिग्मांशु ने पान सिंह के बारे में सुना था। इस फिल्म में इरफ़ान खान मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्म के निर्देशन के लिये तिग्मांशु की खासी सराहना हुई।[5] इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा प्रदर्शन किया। तिग्मांशु द्वारा निर्देशित लेटेस्ट फिल्म मिलन टॉकीज है जिसमें अली फज़ल और श्रद्धा श्रीनाथ मुख्य भूमिका में हैं।[6]

अभिनेता संपादित करें

बतौर अभिनेता तिग्मांशु ने अपने कैरियर की शुरुआत अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म गैंग्स ऑफ़ वासेपुर-भाग १ से की।[7] इस फिल्म के भाग १ और भाग २ दोनो में उन्होने रामाधीर सिंह का किरदार निभाया। इस किरदार के लिए धूलिया को निर्देशक की सराहना भी मिली। अनुराग कश्यप के अनुसार,"तिग्मांशु हमेशा से ही अच्छे अभिनेता रहे हैं"।[8] इससे पहले अनुराग ने भी तिग्मांशु की फिल्म शागिर्द (२0११) में बंटी भैया की भूमिका निभाई थी।[9] तिग्मांशु ने 15 मार्च 2019 को रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म Milan Talkies में भी अभिनय किया जिसमें उन्होंने अली फज़ल के पिता की भूमिका अदा की है।[10]

सन्दर्भ संपादित करें

  1. "तिग्मांशु धूलिया". मूल से 6 मार्च 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 अगस्त 2012.
  2. "अनपढ़ हैं ज्यादातर फिल्म निर्माता: तिग्मांशु". मूल से 3 सितंबर 2012 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 अगस्त 2012.
  3. "कम बजट की फिल्मों के लिए अब परेशानी नहीं : तिग्मांशु". मूल से 17 अप्रैल 2012 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 अगस्त 2012.
  4. "तिग्मांशु धूलिया". मूल से 11 जून 2012 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 अगस्त 2012.
  5. "ज़रूर देखें 'पान सिंह तोमर'..." मूल से 15 अप्रैल 2012 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 अगस्त 2012.
  6. "Milan Talkies Trailer". मूल से 8 मार्च 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 20 मार्च 2019.
  7. निर्देशक से अभिनेता बने तिग्मांशु धूलिया
  8. "गैंग्स ऑफ़ वासेपुर में अभिनय के लिये तिग्मांशु धूलिया को मनाना पड़ा: अनुराग". मूल से 5 मार्च 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 अगस्त 2012.
  9. शागिर्द Archived 2011-03-24 at the वेबैक मशीन चौथी दुनिया में ८ मार्च २0११ को प्रकाशित स्तंभ
  10. Tigmanshu Dhulia on acting in Milan Talkies Tigmanshu Dhulia on acting in Milan Talkies: Won't act in my films, took the role as nobody was available