दुर्गामोहन दास ( बांग्ला: দুর্গামোহন দাশ दुर्गामोहन दास (१८४१-१८९७) ब्राह्म समाज के एक नेता और विधवा पुनर्विवाह और महिला मुक्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान करने वाले एक समाज सुधारक थे।

दुर्गामोहन दास
चित्र:Durga Mohan Das.tif
দুর্গামোহন দাশ
जन्म 1841
मृत्यु 1897
झारखण्ड
राष्ट्रीयता भारतीय
प्रसिद्धि कारण ब्राह्म समाज के नेता एवं समाज सुधारक

दुर्गामोहन का जन्म अविभाजित बंगाल के ढाका जिले के बिक्रमपुर के तेलीरबाग के प्रसिद्ध बैद्य परिवार में हुआ था। उनका जन्मस्थान अब बांग्लादेश के मुंशीगंज जिले में पड़ता है। बिक्रमपुर का एक लंबा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान है। 12 वीं शताब्दी में यह सेन वंश के राजाओं बल्लाल सेन और लक्ष्मण सेन की राजधानी थी और तब से इसे पूर्वी भारत की शिक्षा और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। [1]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Dasgupta, Hemendranath (1994). "Deshbandhu Chittaranjan Das". प्रकाशित Grover, Verinder (संपा॰). Chittaranjan Das. Deep & Deep Publications. पृ॰ 224. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 81-7100-568-3.