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'द्रुपद पांचाल के राजा और द्रौपदी, धृष्टद्युम्न, शिखंडी ,सत्यजीत,उत्तमानुज,युद्धमन्यु,प्रियदर्शन, सुमित्र,चित्रकेतु,सुकेतु, ध्वजकेतु,वीरकेतु ,सुरथ एवं शत्रुंजय के पिता थे और महाभारत के युद्ध में पाण्डवोण की ओर से लड़े थे। वे पांचाल नरेश तथा प्रषट राजा के पुत्र | वह परशुराम के शिष्य थेे|उनको यज्ञसेन भी कहा जाता है |


सन्दर्भसंपादित करें

महाभारताचे महत्व पूर्ण केद्रस्थान म्हणजे द्रोपदी द्रोपद राजाकडे द्रोपदी आणि द्रुष्टध्युन्य हे यज्ञ विधी मधून उत्पन्न झाले होते.

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