पाखी हिन्दी की एक मासिक पत्रिका है। हिन्दी साहित्य की पत्रिकाओं की भीड़ में अलग पहचान बनाने वाली 'पाखी' का प्रकाशन सितंबर, 2008 से नियमित जारी है। प्रवेशांक का लोकार्पण हिन्दी के वरिष्ठ आलोचक नामवर सिंह ने किया। अब तक पाखी पत्रिका ज्ञानरंजन, राजेन्द्र यादव, नामवर सिंह और संजीव पर विशेषांक निकाल चुकी है।[1]

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  1. "पाखी पत्रिका की वेबसाईट". मूल से 3 अगस्त 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 29 जुलाई 2013.