प्रेमलता अग्रवाल

भारतीय पर्वतारोही

प्रेमलता अग्रवाल (जन्म: 1963) एक भारतीय महिला पर्वतारोही हैं, जिन्होने 20 मई 2011 कों सुबह 9:35 बजे 48 साल की उम्र में 29,029 फुट की ऊंचाई पर पहुँचकर माउंट एवरेस्ट के शिखर कों छूकर उन्होने नई उपलब्धि हासिल की। वहीं 50 वर्ष की उम्र में 23 मई 2013 को उत्तरी अमेरिका के अलास्का के माउंट मैकेनले को फतह करके इस पर्वत शिखर पर चढ़ने वाली वे प्रथम भारतीय महिला हैं। सातों महाद्वीपों के शिखर पर चढ़ने वाली प्रेमलता एक कुशल गृहिणी हैं। उन्होने ३५ बरस की उम्र के बाद पहली बार पर्वतारोहण से नाता जोड़ा। वर्ष 1984 में लगभग 29 साल की उम्र में एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला का गौरव हासिल करने वाली बछेंद्री पाल भी उनके अभियान की निगरानी कर रही थी। बछेंद्री के प्रोत्साहित किए जाने पर पर्वतारोहण सीखने वाली प्रेमलता अग्रवाल नेपाल की एशियन ट्रेकिंग कंपनी की देख रेख में मार्च के अंत में शुरू हुए इको एवरेस्ट अभियान 2011 के 22 सदस्यीय अंतर्राष्ट्रीय दल का हिस्सा थीं। उन्होंने दार्जिलिंग से पर्वतारोहण की शिक्षा प्राप्त की है। वे झारखंड के जुगसलाई, जमशेदपुर की रहने वाली हैं। [1][2][3][4] इन्हें 2013 मे पद्म श्री दिया गया है।

प्रेमलता अग्रवाल
जन्म 1963 (आयु 60–61)
झारखंड
आवास जुगसलाई, जमशेदपुर
राष्ट्रीयता भारतीय
पेशा पर्वतारोही
प्रसिद्धि का कारण शिखर फतह माउंट एवरेस्ट (2011) पहली भारतीय महिला पर्वतारोही जो 48 साल की उम्र में एवरेस्ट के शिखर पर पहुंची
उल्लेखनीय कार्य {{{notable_works}}}

संदर्भ संपादित करें

  1. "एवरेस्ट पर चढ़ प्रेमलता ने रचा नया इतिहास" (ए.एस.पी). पत्रिका डॉट कॉम. अभिगमन तिथि 30 मार्च 2015.
  2. "पर्वतारोही प्रेमलता अग्रवाल की 'यूरोप फतह'". वेबदुनिया हिन्दी. मूल से 2 अप्रैल 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 30 मार्च 2015.
  3. "प्रेमलता अग्रवाल का लक्ष्य 7 सर्वोच्च चोटियां". वेबदुनिया हिन्दी. मूल से 5 मार्च 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 30 मार्च 30 मार्च 2015. |access-date= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)
  4. "प्रेमलता ने की अंटार्कटिका में माउंट विनसन चोटी फतह". जी न्यूज. मूल से 4 मार्च 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 30 मार्च 2015.

बाहरी कड़ियाँ संपादित करें