मुख्य मेनू खोलें

जमशेदपुर

जमशेदपुर पूर्वी भारतीय राज्य झारखंड में सुवर्णरेखा और खरकई नदियों के बीच बसा एक बड़ा शहर है और भारतीय राज्य झारखंड में सबसे अधिक आबादी वाला शहरी समूह है।

जमशेदपुर जिसका दूसरा नाम टाटानगर भी है, भारत के झारखंड राज्य का एक शहर है। यह झारखंड के दक्षिणी हिस्से में स्थित पूर्वी सिंहभूम जिले का हिस्सा है। जमशेदपुर की स्थापना को पारसी व्यवसायी जमशेदजी नौशरवान जी टाटा के नाम से जोड़ा जाता है। १९०७ में टाटा आयरन ऐंड स्टील कंपनी (टिस्को) की स्थापना से इस शहर की बुनियाद पड़ी। इससे पहले यह साकची नामक एक आदिवासी गाँव हुआ करता था। यहाँ की मिट्टी काली होने के कारण यहाँ पहला रेलवे-स्टेशन कालीमाटी के नाम से बना जिसे बाद में बदलकर टाटानगर कर दिया गया। खनिज पदार्थों की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता और खड़कई तथा सुवर्णरेखा नदी के आसानी से उपलब्ध पानी, तथा कोलकाता से नजदीकी के कारण यहाँ आज के आधुनिक शहर का पहला बीज बोया गया।

जमशेदपुर
ᱡᱟᱢᱥᱮᱫᱽᱯᱩᱨ
—  शहर  —
शहर के संस्थापक जमशेदजी नौसरवानजी टाटा
शहर के संस्थापक जमशेदजी नौसरवानजी टाटा
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य झारखंड
उपायुक्त डा. कौशल
सांसद बिद्युत बरन महतो
जनसंख्या
घनत्व
19,82,98,86,49,87,874 (2001 के अनुसार )
• 560/किमी2 (1,450/मील2)
क्षेत्रफल 625 km² (241 sq mi)
आधिकारिक जालस्थल: jamshedpur.nic.in

निर्देशांक: 22°48′N 86°18′E / 22.8°N 86.30°E / 22.8; 86.30

जमशेदपुर आज भारत के सबसे प्रगतिशील औद्योगिक नगरों में से एक है। टाटा घराने की कई कंपनियों के उत्पादन इकाई जैसे टिस्को, टाटा मोटर्स, टिस्कॉन, टिन्पलेट, टिमकन, ट्यूब डिवीजन, इत्यादि यहाँ कार्यरत है।

अनुक्रम

उद्योग-धंधेसंपादित करें

जमशेदपुर सही मायने में एक अत्याधुनिक औद्योगिक नगरी है। यहाँ के कुछ प्रमुख कारखाने हैं:

आधुनिक स्टील एन्ड पावर लिमिटेड्, कोहिनुर स्टील एन्ड पावर लिमिटेड्, जेमिपोल्, एन एम एल आदि। साकची यहाँ का एक प्रमुख व्यापारिक केन्द्र है।

यातायातसंपादित करें

जमशेदपुर सड़क और रेल-मार्ग द्वारा पूरे देश से जुड़ा हुआ है। howrah मुम्बई रेल मार्ग पर स्थित होने के कारण टाटानगर दक्षिणपूर्व रेलवे के अत्यंत व्यस्त स्टेशनों में से गिना जाता है। राष्ट्रीय राजमार्गे 33 यहाँ से होकर गुजरती है। नगर के उत्तर पूर्वी हिस्से में एक सोनारी हवाई अड्डा है जो वायुदूत की सेवाओं से जुड़ा है। शहर की ज्यादातर सड़कों का रखरखाव टाटा परिवार के द्वारा होने की वजह से यहाँ की सड़के झारखंड में अन्य शहरों की अपेक्षा काफी अच्छी हैं।

कैसे पहुँचेंसंपादित करें

  • अंदरुनी यातायात: शहर के अंदर परिभ्रमण के लिए ज्यादातर मिनी बसें, तिपहिया वाहन, एवं रिक्शा शहर के सभी हिस्सों में आमतौर पर उपलब्ध हैं।

शिक्षा संस्थानसंपादित करें

जमशेदपुर के प्रमुख शिक्षा एवं शोध संस्थान:

पर्यटनसंपादित करें

लौहनगरी के रूप में विख्‍यात जमशेदपुर केवल झारखंड में नहीं, बल्कि पूरे विश्‍व पटल पर चर्चित है। इसे टाटानगर के भी नाम से जाना जाता है। पर्यटन की दृष्टि से टाटानगर का महत्‍व अंतराष्‍ट्रीय स्‍तर पर भी है। इसे हाल में ही इंटरनेशनल क्‍लीन सिटी' के अवार्ड से नवाजा गया है। लोग पूरे विश्‍व से इस लौहनगरी को देखने आते है। टिस्‍को, टेल्‍को जैसे अंतर्राष्‍टीय स्‍तर के कारखाने के अलावा डिमना लेक, जुबली पार्क, दलमा पहाड़, हुडको लेक, मोदी पार्क, कीनन स्‍टेडियम आदि ऐसे जगह है जहां पर्यटक घूम सकते है।

जुबली पार्कसंपादित करें

यह पार्क टाटा स्‍टील ने अपने 50 वर्ष पूरे करने के उपरान्‍त बनवा कर यहां के निवासियों को तोहफे स्‍वरुप भेंट की थी। 225 एकड़ भूमि में फैले इस पार्क का उदघाटन 1958 ई. में उस समय के तत्‍कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु ने किया था। वृंदावन गार्डन के तर्ज पर बने इस पार्क में गुलाब के लगभग एक हजार किस्‍म के पौधें लगे हुए हैं। इस पार्क में एक चिल्ड्रेन पार्क भी है। हाल में ही यहां एक एम्‍युजमेंट पार्क का निर्माण किया है। एम्‍यूजमेन्‍ट पार्क में अनेक किस्‍म के झूले लगे हूए है। हरेक साल 3 मार्च को जमशेदजी नौसरवानजी टाटा की याद में पूरे पार्क को बिजली के रंगीन बल्वों के द्वारा बडे़ भव्‍य तरीके से सजाया जाता है। इस दिन पूरे विश्‍व से हजारों की संख्‍या में लोग यहां इस कार्यक्रम में शरीक होने आते है। यह कार्यक्रम तीन दिनों तक चलता है। इस पार्क के एक हिस्से में छोटा सा चिडियाघर भी है।

जयंती सरोवरसंपादित करें

पूर्व में इसे जुबली लेक के नाम से जाना जाता था। 40 एकड़ में फैले इस झील को विशेष तौर पर बोटिंग के लिए बनाया गया है। इस झील के बीचोंबीच एक आइलैण्‍ड का निर्माण किया गया है जो कि इसकी सुन्‍दरता में चार चांद लगाता है। इसके साथ ही पर्यटक बोटिंग के दौरान इस आईलैण्‍ड का इस्‍तेमाल आराम फरमाने के लिए भी करते है।

दलमा वन्‍य अभ्‍यारण्‍यसंपादित करें

3000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तथा 193 वर्ग किलोमीटर में फैले इस अभ्‍यारण्‍य का उदघाटन स्‍वर्गीय संजय गांधी ने किया था। यहां पर जंगली जानवरों को नजदीक से देखने के लिए अनेक जगह विशेष रूप से बनाए गए है जहां से पर्यटक आसानी से जंगली जानवर जैसे हाथी, हरिण, तेदूंआ, बाघ्‍ा आदि को देख सकते है। इसके अलावा दुर्लभ वन संपदा यहां देखा जा सकता है।.रात को दलमा पहाड़ी की चोटी से टाटानगर का नजारा बिल्‍कुल आकाश में टिमटिमाते तारें के समान प्रतीत होता है। यहां पर पर्यटकों के ठहरने के लिए टाटास्‍टील तथा वन विभाग द्वारा गेस्‍ट हाउस का भी निर्माण किया गया है। यहां पर एक गुफा में भगवान शिव का प्राकृतिक मंदिर है। जिन्हें श्रद्धा से लोग दलमा बाबा कहते हैं।.इन्हें जमशेदपुर का संरक्षक देवता भी कहा जाता है।. सावन के दिनों में तथा शिवरात्रि के दिन इन मंदिरों को भव्‍य तरीके से सजा कर यहां पर पूजा अर्चना की जाती है। दलमा पहाड़ी हाथियों की प्राकृतिक आश्रयस्थली है।.प्रशासनिक दृष्टिकोण से देखें तो झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां से लेकर पश्चिम बंगाल के पुरूलिया जिले के बेलपहाड़ी तक इसका दायरा फैला है।.दलमा पहाड़ी में कई आदिवासी गांव हैं।.

डिमना झीलसंपादित करें

चित्र:Dimnalake.jpg
डिमना झील

यह जमशेदपुर शहर से 13 किमी की दूरी पर स्थित है। दलमा पहाड़ी की तलहटी में बने इस कृत्रिम झील को देखने सालों भर पर्यटक आते रहते है। दिसम्‍बर-जनवरी में महीने में पर्यटक यहां विशेष तौर पिकनि‍क मनाने आते है। इस झील का निर्माण टाटा स्‍टील ने जल संरक्षण के लिए तथा यहां के निवासियों के लिए करवाया था।

कीनन स्‍टेडियमसंपादित करें

पूरे झारखंड में केवल कीनन स्‍टेडियम ही अंतर्राष्‍टीय स्‍तर का क्रिकेट ग्राउंड है। शहर के ठीक बीच में स्थित इस मैदान पर अब तक कई अंतर्राष्‍टीय क्रिकेट मैच का आयोजन हो चुका है। मोहाली क्रिकेट ग्राउंड के बाद इसे सबसे सुन्‍दर क्रिकेट ग्राउंड समझा जाता है।

हुडको झीलसंपादित करें

हुडको झील जमशेदपुर में छोटा गोविंदपुर और टेल्को कॉलोनी के बीच स्थित टाटा मोटर्स द्वारा निर्मित एक कृत्रिम झील है। कंपनी द्वारा इस क्षेत्र को एक पिकनिक स्पाट के रूप में विकसित किया गया है।

दुमुहानीसंपादित करें

मैरिन ड्राईव पर स्थित दुमुहानी, सुवर्ण रेखा और खरकई नदियों का संगम स्थल है।

अन्य स्थलसंपादित करें

इसके अलावा दोरवाजी टाटा पार्क, भाटिया पार्क, जेआरडी टाटा कॉम्‍पलेक्‍स, गोलपहाड़ी मंदिर, भुवनेश्‍वरी मंदिर, सूर्य मंदिर आदि भी ऐसे अनेक स्‍थान है जहां पर्यटक घूम सकते है। http://hinditravelblog.com/जमशेदपुर-शहर-की-सैर/

महापुरुषसंपादित करें

बाजार और सिनेमाघरसंपादित करें

बाजारसंपादित करें

सिनेमाघरसंपादित करें

  • पायल सिनेमा (मानगो),
  • श्याम टाकिज (परसुडीह)
  • स्टार टाकीज (स्टेशन)
  • गौशाला टाकीज (जुगसलाई)
  • आईलेक्स (पारडीह)
  • सिनेपोलिस पीजेपी सिनेमा (बिस्टुपुर)

समाचारपत्रसंपादित करें

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अखबारों की पहुँच के साथ-साथ जमशेदपुर से निम्नलिखित समाचारपत्र प्रकाशित होते हैं:- प्रभात खबर प्रभात-ख़बर का आधिकारिक जालस्थल, उदितवाणी, दैनिक जागरण, दैनिक हिन्दुस्तान, चमकता आईना, न्यू इस्पात मेल..इसके अलावा यहां क्षेत्रीय समाचार चैनल ई टीवी बिहार-झारखंड और सहारा समय बिहार झारखंड का भी दफ्तर है।.कई पत्रिकायें जमशेदपुर से प्रकाशित होती है जिसमें झारखंड प्रदीप, राष्ट्रसंवाद, लहर चक्र आदि शामिल है।.मीडियाकर्मियों की प्रतिनिधि संस्था जमशेदपुर प्रेस क्लब यहां कार्यरत है।

कुछ रोचक तथ्यसंपादित करें

  • भारतीय क्रिकेटर सौरभ सुनील तिवारी जमशेदपुर के निवासी हैं।
  • फिल्म अभिनेता माधवन यहीं जन्में, पले और बढे।
  • जमशेदपुर दुनिया के छह ग्लोबल कामपैक्ट सिटी में से एक है, जो संयुक्त राष्ट्र संघ की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है।
  • मिस वर्ल्ड 2000 एवं भारतीय सिनेमा अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जमशेदपुर में जन्मी थी।
  • फेमिना मिस इंडिया 2004 एवं भारतीय सिनेमा अभिनेत्री तनुश्री दत्ता यहीं जन्मी और पली बढी हैं।
  • लोकप्रिय टेलिविज़न स्टार सिमोन सिंह यहीं पली बढी हैं।
  • झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा जमशेदपुर से ताल्लुक रखते हैं।
  • झारखण्ड के वर्तमान मुख्यमंत्री रघुवर दास जमशेदपुर के निवासी हैं।
  • सीआईआई के सर्वे में जमशेदपुर का भारत के महत्वपूर्ण नगरों में सैतिसवां स्थान है।
  • जमशेदपुर से होकर गुजरने वाली स्वर्णरेखा नदी में सोना पाया जाता है।
  • जनसंख्या के घनत्व के हिसाब से जमशेदपुर में दो पहिया वाहनों की संख्या देशभर में सबसे ज्यादा है।
  • इंडियन आईडल का रनर अप राजदीप जमशेदपुर के निवासी हैं।
  • जमशेदपुर दलमा पहाड़ी की गोद में बसा है।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें