युग (भौमिकी)

भूवैज्ञानिक युग (geological epoch) पृथ्वी के प्राकृतिक भूवैज्ञानिक इतिहास का एक भाग होता है। भूवैज्ञानिकों ने इस इतिहास को चार इओनों में विभाजित करा है, जो सभी आधे अरब वर्ष या उस से अधिक लम्बे हैं। यह इओन स्वयं महाकल्पों में विभाजित हैं, जो आगे कल्पों में बंटे हुए हैं।[1] यह कल्प स्वयं युगों में बंटे हैं, जो आगे कालों में बंटे हैं।[2]

परिभाषिकीEdit

  • भूवैज्ञानिक समय के सबसे बड़े खंडों को इओन (eon) कहते हैं।
  • इओन को आगे महाकल्प (era) में विभाजित करा जाता है।
  • महाकल्प को कल्प (period) में विभाजित करा जाता है।
  • कल्प को युग (epoch) में विभाजित करा जाता है।
  • युग को काल (age) में विभाजित करा जाता है।

दृश्यजीवी इओन के युगों की सूचीEdit

पृथ्वी के वर्तमान इओन का नाम दृश्यजीवी इओन (Phanerozoic eon) है। इसे तीन महाकल्पों में विभाजित करा गया है, जिनमें सम्मिलित युग निम्न विभागों में दिये गये हैं। भूवैज्ञानिकों को पृथ्वी के भिन्न समयों का अनुमान धरती की सतह से नीचे की ओर जाकर मिलता है, इसलिए वर्तमान से समीपी समयों को भूविज्ञान में अक्सर "ऊपरी" (Upper) और दूर के समयों को "निचला" (Lower) कहा जाता है।[3]

नूतनजीवी महाकल्प के युगEdit

नूतनजीवी (Cenozoic) में तीन कल्प हैं, जिनके युग इस प्रकार हैं:

मध्यजीवी महाकल्प के युगEdit

मध्यजीवी (Mesozoic) में तीन कल्प हैं, जिनके युग इस प्रकार हैं:

पुराजीवी महाकल्प के युगEdit

पुराजीवी महाकल्प (Paleozoic) के कल्पों के युग इस प्रकार हैं:

इन्हें भी देखेंEdit

सन्दर्भEdit

  1. "मेघालय का दौर".
  2. Cohen, K.M.; Finney, S.; Gibbard, P.L. (2015), International Chronostratigraphic Chart (PDF), International Commission on Stratigraphy.
  3. Gradstein, F.M.; Ogg, J.G. & Smith, A.G.}}; 2004: A Geologic Time Scale 2004, Cambridge University Press