मेलानिन (melanin) एक प्राकृतिक रंगद्रव्य (पिगमेंट) है को पृथ्वी के अधिकतर जीवों में पाया जाता है, हालांकि मकड़ियों जैसे भी गिनती के कुछ जीव हैं जिनमें यह नहीं पाया गया है। जानवरों में मेलानिन टाइरोसीन (Tyrosine) नामक एक अमीनो अम्ल से बनता है। जीवों में मेलानिन का सबसे अधिक पाया जाने वाला रूप 'यूमेलेनिन' (eumelanin) कहलाता है और काले-भूरे रंग का होता है। मनुष्यों में यही बालों, त्वचा और आँखों को रंग देता है। मेलानिन का एक अन्य जीववैज्ञानिक रूप 'फ़ेओमेलानिन' (pheomelanin) हैं।

मानवों में मेलानिन की भूमिकासंपादित करें

यदि मेलानिन कम हो तो आँखों का रंग हरा या नीला, बालों का रंग सुनहरा और त्वचा का रंग श्वेत हो जाता है। मेलानिन सूरज की किरणों में मौजूद हानिकारक पराबैंगनी (अल्ट्रावाय्लट) से रक्षा करता है जो कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाता है जिस से त्वचा में झुर्रियाँ पड़ने से लेकर कर्क रोग (कैन्सर) तक हो सकता है।[1] कम धूप वाले सर्द क्षेत्रों में उत्पन्न हुई मानव जातियों में मेलानिन कम होता है क्योंकि धूप शरीर में विटामिन डी बनाने के लिये आवश्यक है। अधिक धूप वाले गरम क्षेत्रों में उत्पन्न जातियों में शरीर की रक्षा के लिए मेलानिन अधिक होता है। इनमें शरीर पर पड़ने वाला ९९.९% पराबैंगनी विकिरण (रेडियेशन) मेलानिन द्वारा रोक दिया जाता है।[2]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Agar N, Young AR (April 2005). "Melanogenesis: a photoprotective response to DNA damage?". Mutation research 571 (1–2): 121–32. doi:10.1016/j.mrfmmm.2004.11.016 Archived 2016-06-03 at the Wayback Machine. PMID 15748643 Archived 2013-05-02 at the Wayback Machine.
  2. Meredith P, Riesz J (February 2004). Photochemistry and photobiology 79 (2): 211–6. doi:10.1562/0031-8655(2004)079<0211:RCRQYF>2.0.CO;2 Archived 2008-05-21 at the Wayback Machine. ISSN 0031-8655. PMID 15068035.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें