रहली सागर जिला की महत्वपूर्ण तहसील और विधानसभा क्षेत्र है। कहावतों के अनुसार रहली को चौदहवीं शताब्दी में अहीरों ने बसाया और यह छत्रसाल बुंदेला के राज्‍य में रहा। उसने 1731 में इसे पेशवा बाजीराव को दे दिया, फिर अंग्रेजों ने इस पर कब्जा कर लिया। इस क्षेत्र में अकूत पुरा संपदा बिखरी पड़ी है। रहली का सूर्य मंदिर‎ लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। वहीं ढाना में अहीरो व ब्राह्मण हजारी(पाठक) घराने के राजाओं ने शासन किया। गढ़िया का निर्माण सन 1500 के पहले हुआ मूलतः ढाना में अहीरों का शासन था

सागर जिले में एक नई तहसील जैैसीनगर भी बनाई गई है ।

रहली धार्मिक क्षेत्र में भी अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान निभाती है। यहां पर मां हरसिद्धि रानगिर एवं टिकीटोरिया मंदिर काफी चमत्कारी व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है जहां पर श्रद्धालु हजारों की संख्या में पहुंचते है। रहली में अनेक छोटे-छोटे उद्योग भी है जिनमें पापड़ मशीन , बीड़ी प्रिंटिंग मशीन आदि।