निर्देशांक: 23°06′N 78°30′E / 23.10°N 78.5°E / 23.10; 78.5 सागर, मध्य प्रदेश का एक महत्‍वपूर्ण शहर है। सागर का इतिहास सन् १६६० से आरंभ होता है, जब हुसैनशाह ने तालाब के किनारे स्थित वर्तमान किले के स्थान पर एक छोटे किले का निर्माण करवा कर उस के पास परकोटा नाम का गांव बसाया था। निहालशाह के वंशज ऊदनशाह द्वारा बसाया गया वही छोटा सा गांव आज सागर के नाम से जाना जाता है। परकोटा अब शहर के बीचों-बीच स्थित एक मोहल्ला है।

सागर शहर
—  शहर  —
लाखा बंजारा झील के किनारे बसा सागर शहर
लाखा बंजारा झील के किनारे बसा सागर शहर
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य मध्‍य प्रदेश
जिलाधीश प्रीति मैथिल
नगर पालिक निगम महापौर
जनसंख्या
घनत्व
2,73,357 (2011 के अनुसार )
• 197/किमी2 (510/मील2)
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)
10,252 km² (3,958 sq mi)
• 594 मीटर (1,949 फी॰)
आधिकारिक जालस्थल: www.sagarmunicipalcorporation.com

वर्तमान किला और उसके अंदर एक बस्ती का निर्माण पेशवा के एक अधिकारी गोविंदराव पंडित ने कराया था। सन् १७३५ के बाद जब सागर पेशवा के आधिपत्य में आ गया, तब गोविंदराव पंडित सागर और आसपास के क्षेत्र का प्रभारी था। समझा जाता है कि इसका नाम ‘सागर’ उस विशाल [[सागर झील (लाखा बंजारा झील)] के कारण पड़ा, जिसके किनारे नगर स्थित है। [बुन्देलखण्ड]सागर सागर को स्मार्ट सिटी योजना मे शामिल किया गया है। सागर जिले की स्थापना सन 1860 में हुई, सागर के प्रथम डिप्टी कमिश्नर केप्टिन जी एफ एस ब्राउन दिनांक 1-8-1860 से 19-9-1861 तक पदस्थ रहे, [सागर विश्वविध्यालय] मध्यप्रदेश का पहला विश्वविध्यालय था जिसे हम डा. हरीसिह गौर विश्वविध्यालय के नाम से जानते है यह केन्द्रीय विश्वविध्यालय भी है।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

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