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शब-ए-क़द्र मुस्लिम समुदाय द्वारा रमज़ान के पवित्र महीने की एक रात को कहते हैं। उस राज विशेषता मुस्लिम मान्यता के अनुसार कुरान की आयतों का पृथ्वी पर जिबरील नाम के फ़रिशते के ज़रिए पैगम्बर मुहम्मद पर नाज़िल होना शुरू हुआ था। यह राज आम तौर से 27 रमज़ान मानी जाती है जिसमें मुसलमान जागते हैं और अपने पापों के लिए अल्लाह से क्षमा माँगते हैं।[1]

शब-ए-क़द्र
आधिकारिक नाम ليلة القدر (शब-ए-क़द्र)
अन्य नाम लिलत अल-क़द्र, लिलत अल-क़द्र
अनुयायी मुस्लिम
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सन्दर्भसंपादित करें

  1. Dr.Muhammad Nayef Lau Sulayman mentioned in the holy book of almighty, Allah said about Sohuf: Indeed, this Qur'an guides to that which is most suitable and gives good tidings to the believers who do righteous deeds that they will have a great reward. Qur'an V17:09