सहकार भारती, सहकार के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का एक आनुसांगिक संगठन है। यह पंजीकृत अशासकीय संस्था है। सन्1978 में गणेश चतुर्थी के दिन पुणे में सहकार-भारती की स्थापना की गई थी।[3] सहकारिता के आंदोलन को जनकल्याणकारी स्वरूप देकर और अधिक मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से 11 जनवरी 1978 को मुम्बई (महाराष्ट्र) में "सहकार भारती" नामक सामाजिक संस्था की स्थापना हुई। इसके संस्थापक अध्यक्ष स्व. माधवराव गोडबोले थे,[4] जिन्होने सन्‌ 1935 में सांगली में जनता सहकारी बैंक की शुरुआत की थी। श्री सतीश मराठे सहकारिता क्षेत्र में एक गैर सरकारी संगठन सहकार भारती के संस्थापक सदस्य हैं। वह सहकारी क्षेत्र में अध्ययन और अनुसंधान करने के लिए भारतीय कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के तहत पंजीकृत एक फाउंडेशन, सेंटर फॉर स्टडीज एंड रिसर्च इन को-ऑपरेशन के संस्थापक निदेशक हैं।[5]सहकार-भारती उत्पादक, वितरक और ग्राहक के सम्बन्धों का समन्वय कर सहकारिता के द्वारा अर्थशासन को पुष्ट करने के लिए बनायी गयी संस्था।[6]

  • सहकार भारती का मूलमंत्र - बिना संस्कार नहीं सहकार[7]
चित्र:Sahkar.jpg
संक्षेपाक्षर सहकार भारती
स्थापना 11 जनवरी 1978 (गणेश चतुर्थी
संस्थापक लक्ष्मणराव इनामदार
प्रकार स्वयंसेवी, निःस्वार्थ राष्ट्रभक्ति
वैधानिक स्थिति सक्रिय
उद्देश्य भारतीय राष्ट्रवाद
मुख्यालय मुम्बई, महाराष्ट्र, भारत
आदर्श वाक्य बिना संस्कार नहीं सहकार, बिना सहकार नहीं उद्धार
सेवित क्षेत्र भारत
विधि समूह चर्चा, बैठकों और अभ्यास के माध्यम से शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण
सदस्यता 10-15 लाख(739 जनपद)
आधिकारिक भाषा संस्कृत, हिन्दी
अध्यक्ष दीनानाथ ठाकुर
संगठन मंत्री [1] संजय पाचपोर
संबद्धता संघ परिवार
ध्येय "आत्मनिर्भरता एवं आर्थिक स्वावलम्बन"[1][2]
जालस्थल https://sahakarbharati.org/

अभी सहकार भारती का 18 कार्यकर्ताओं का एक केन्द्रीय दल है[8], जिसमें 5 पूर्णकालिक कार्यकर्ता हैं। सभी 18 कार्यकर्ता देश में प्रवास करते हैं। सहकार-भारती की 5 मासिक पत्रिकाएँ प्रकाशित होती हैं- अमदाबाद से 'सहकार चेतना', पुणे से 'सहकार सुगंध' एवं ग्वालियर से 'सहकार श्री' "आर्थिक स्वालम्बन" और "स्मारिका" लखनऊ से प्रकाशित।[9] वर्तमान में सहकार भारती भारत के  कुल 739 जनपदों में सक्रिय रूप के कार्य कर रही है।

चित्र:Sahkarbharti.jpg
सहकर भारती का 7वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन

उद्देश्यसंपादित करें

सहकार भारती का मुख्य उद्देश्य जनता की आर्थिक सेवा द्वारा समाज का आर्थिक उत्थान करने वाली सहकारिता को शुद्ध करना एवं मजबूत बनाना है[10]- जैसे सहकारिता में आए हुए दोषों को दूर करना, सहकारी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित एवं संस्कारित करना, सहकारिता का जनसाधारण में प्रचार व प्रसार करना, परिसंवाद, परिचर्चा, सम्मेलन, प्रशिक्षण वर्ग इत्यादि कार्यक्रमों द्वारा जन प्रबोधन करना, सहकारिता का साहित्य छापना, सहकारिता की समस्याओं को सुलझाने हेतु मार्गदर्शन करना, आदर्श सहकारी संस्थाएं आरम्भ करना, चलाना एवं बढ़ाना, समाजसेवी आदर्श सहकारिता-कार्यकर्ताओं को सम्मानित व संगठित करना तथा सहकारिता को समाजोपयोगी बनाना इत्यादि सहकार भारती के अन्य उद्देश्य एवं कार्य हैं।[11]

पृठभूमि एवं इतिहाससंपादित करें

भारत में सहकारिता १८९४ से आरम्भ हुई, ऐसा कहा जाता है। कारण तब वडोदरा में प्रथम सहकारी संस्था गठित हुई। भारत के स्वाधीन होने के बाद भारत की सरकार ने सहकारिता को एक जनोपयोगी कार्य समझकर इसे बढ़ाने में पर्याप्त रुचि ली। आर्थिक मदद देकर इसे खूब प्रोत्साहित किया। परिणामस्वरूप सहकारिता का प्रचार गांव-गांव तक हो गया। आज देश में साढ़े छह लाख सहकारी संस्थाएं हैं, जिनसे इक्कीस करोड़ लोग जुड़े हैं। विश्व की सहकारिता का एक चौथाई भाग भारत में विभिन्न सहकारी संस्थाओं से जुड़ा हुआ है। सहकारिता की विभिन्न विधाएं भी देश में आरम्भ हो गईं। साख, गृह निर्माण, उपभोक्ता भंडार, यातायात, मुद्रण, मछुआरे, कर्मचारी, जुलाहे, क्रय-विक्रय, चीनी उद्योग, वस्त्र-उद्योग, बैंक इत्यादि सभी क्षेत्रों में सहकारी संस्थाएं कार्यरत हैं।

सरकारी उत्साह एवं प्रोत्साहन के कारण धीरे-धीरे सहकारी संस्थाएं सरकार-निर्भर हो गईं। ग्रेवाल समिति ने अपनी रपट में कहा था कि भारत में सहकारिता आन्दोलन पूर्णतः असफल हो गया है। रपट में आगे कहा गया कि इस आन्दोलन को सफल जरूर बनाना चाहिए, क्योंकि सहकारिता द्वारा ही सामान्य व्यक्ति का आर्थिक उत्थान सम्भव है। ऐसे समय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ कार्यकर्ताओं ने मिलकर सहकार भारती की स्थापना की।

राष्ट्रीय पदाधिकारी

संरक्षक रमेश वैद्य कर्नाटक
राष्ट्रीय अध्यक्ष दीनानाथ ठाकुर विहार
राष्ट्रीय महामंत्री डॉ उदय वासुदेव जोशी मुंबई
राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय पाचपोर मुंबई
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सतीश मेढी महाराष्ट्र
राष्ट्रीय कार्यालय प्रमुख लक्ष्मण पात्र उत्तर प्रदेश
राष्ट्रीय सह कार्यालय प्रमुख (मुंबई) एडवोकेट गोविन्द झारीकर महाराष्ट्र
राष्ट्रीय सह कार्यालय प्रमुख (दिल्ली) हर्षद धर्माधिकारी दिल्ली

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत बजर बरुआ आसम
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केशव हरोदिया झारखंड
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृष्णा रेड्डी कर्नाटक

राष्ट्रीय मंत्री

राष्ट्रीय मंत्री एडवोकेट सुनील गुप्ता दिल्ली
राष्ट्रीय मंत्री दीपक चौरसिया विहार
राष्ट्रीय मंत्री नन्दिनी राय बंगाल
राष्ट्रीय मंत्री अशोक तेकाम मध्य प्रदेश

राष्ट्रीय संपर्क/आईटी प्रकोष्ठ/सोशल मीडिया प्रकोष्ठ

राष्ट्रीय संपर्क प्रमुख दिलीप दादा पाटिल महाराष्ट्र
राष्ट्रीय आईटी प्रकोष्ठ प्रमुख  दिलीप टिकेन महाराष्ट्र
राष्ट्रीय प्रमुख सोशल मीडिया प्रकोष्ठ पुष्कर तिवारी उत्तर प्रदेश[12]
राष्ट्रीय सह प्रमुख सोशल मीडिया प्रकोष्ठ कुलदीप कृष्ण पाण्डेय उत्तरप्रदेश

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें


सन्दर्भसंपादित करें

  1. "सहकार भारती कार्यकर्ताओं से मिले राष्ट्रीय अधिकारी". अभिगमन तिथि 20 अप्रैल 2022.
  2. "लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही सहकारी भारती". अभिगमन तिथि 12 जनवरी 2021.
  3. संजीव, उनियाल. RSS Ka Rahasya. बीएफसी प्रकाशन. अभिगमन तिथि 19 नवंबर 2021.
  4. "स्वर्गीय श्री माधवराव उर्फ अन्नासाहेब गोडबोले". मूल से पुरालेखित 9 नवंबर 2011. अभिगमन तिथि 9 नवंबर 2011.सीएस1 रखरखाव: BOT: original-url status unknown (link)
  5. "श्री सतीश काशीनाथ मराठे". अभिगमन तिथि 17 जून 2013.
  6. डॉ. हरिश्चंद्र, बर्थवाल. R.S.S. Ek Parichay. सुरुचि प्रकाशन.
  7. महेश, शर्मा दत्त. 1000 Sangh Prashnottari. प्रभात प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड. अभिगमन तिथि 2 जनवरी 2020.
  8. "सहकार भारती की सभी 18 मंडल के विभाग की प्रदेश कार्यसमिति अप्रैल में होगी". अभिगमन तिथि 14 मार्च 2022.
  9. "लखनऊ में होगा सहकार भारती का राष्ट्रीय सम्मेलन, तैयारियां जारी". अभिगमन तिथि 4 अगस्त 2021.
  10. "सहकारिता के विकास में सहकार भारती का योगदान महत्वपूर्ण". मूल से 3 मार्च 2021 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 3 मार्च 2021.
  11. "सहकार भारती की गतिविधियाँ". अभिगमन तिथि 5 फरवरी 2021.
  12. "सहकार भारती – उत्तर प्रदेश". अभिगमन तिथि 22 मई 2022.